COVID-19: अब इंदौर की तर्ज पर भोपाल में भी ओला कैब का इमरजेंसी सेवा के तौर पर शुरू हुआ इस्‍तेमाल

ओला कैब का इस्‍तेमाल सिर्फ हॉस्पिटल जाने के लिए ही किया जा सकता है.

मेडिकल इमरजेंसी (Medical Emergency) की स्थिति में भोपालवासी ओला कैब का इस्‍तेमाल एंबुलेंस (Ambulance) के तौर पर कर सकते हैं. जिला प्रशासन ने ओला कैब (Ola Cab) को शहर के 100 हॉस्पिटल (Hospital) के साथ जोड़ा है.

  • Share this:
भोपाल. राजधानी भोपाल (Bhopal) में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इंदौर की तर्ज पर ओला कैब (Ola Cab) इमरजेंसी सेवा की शुरूआत की है. इनका इस्तेमाल एंबुलेंस (Ambulance) की तरह होगा. पहले चरण में राजधानी में 50 कैब एंबुलेंस के तौर पर इस्तेमाल में लाई जाएंगी. कलेक्टर तरूण पिथोड़े ने इनके ड्राइवर्स से आज बात की और उन्होंने सावधानी और मदद के बारे में समझाइश भी दी है. इन ओला कैब के ड्राइवर्स को कोरोना से बचाव के तमाम इंतज़ामों से लैस किया गया है.भोपालवासियों में से जिसे भी मेडिकल इमरजेंसी (Medical Emergency) की जरूरत हो, वह एप के जरिए कैब बुक कर सकता है. इससे इमरजेंसी सेवा के लिए परेशान लोगों को राहत मिलेगी.

इमरजेंसी सेवा के तौर पर होगा इस्तेमाल
प्रदेश के कई जिलों में इमरजेंसी सेवा ना मिल पाने के कारण कई मरीज़ो को अपनी जान गवां कर इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ा है. इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अब ओला कैब को एम्बुलेंस के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. इसके लिए, पहले चरण में 50 ओला टैक्सी तैयार की गई हैं. इनके ड्राइवर्स को विशेष प्रशिक्षण, मास्क और सैनिटाइजर दिया गया है. जिससे वे अपने आपको सुरक्षित रख सकें. और बेहिचक मरीजों को अस्पताल तक पहुंचा सकें.

विशेष रूप से प्रशिक्षित किए गए ओला कैब ड्राइवर
भोपाल में कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए जिला प्रशासन ओला कैब को एंबुलेंस इमरजेंसी सेवा के रूप में चलाएगा. इससे आकस्मिक घटनाओं के शिकार लोगों को तत्काल अस्पताल तक पहुंचाया जा सकेगा. इसके लिए ओला कंपनी ने करीब 50 ओला कैब को एंबुलेंस के तौर पर चलाने की परमिशन दे दी है. इन कैब चालकों को कलेक्टर तरुण पिथोड़े के निर्देश पर ट्रेनिंग दी गई. उन्होंने बताया कि ये इमरजेंसी सेवा के तौर पर इस्तेमाल की जाएंगी.

केवल हॉस्पिटल जाने के लिए उपलब्‍ध होगी यह सुविधा
ओला एंबुलेंस चलाने वाले ड्रायवर्स को कलेक्टर तरूण पिथोड़े ने सेनेटाइजर, मास्क के इस्तेमाल और मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने के लिए कहा है. ओला एप्प के माध्यम से कोई भी व्यक्ति मेडिकल सुविधा के लिए इसको बुक कर सकता है. इस सुविधा से शहर के 100 हॉस्पिटल को जोड़ा गया है. डॉक्टर को दिखाने, मेडिकल इमरजेंसी और केवल हॉस्पिटल तक जाने के लिए ही यह सुविधा उपलब्ध होगी.

ये भी पढ़ें - 

COVID-19: नोएडा सेक्टर 55 और ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी सील की गई

COVID-19: DM का आदेश, गौतमबुद्ध नगर में कोई निजी या सरकार ऑफिस नहीं खुलेगा