किसानों के नकली दस्तवेज से 24 लाख रुपये लोन कराया मंजूर, लेकिन पैसे मिलने से पहले ही पकड़ाया फर्जीवाड़ा

मौके पर जांच के बाद मामले का खुलासा हुआ. सांकेतिक फोटो.
मौके पर जांच के बाद मामले का खुलासा हुआ. सांकेतिक फोटो.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह (Damoh) जिले में किसानों (Farmers) के फर्जी दस्तावेज बनाकर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की गई है.

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दमोह. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह (Damoh) जिले में किसानों (Farmers) के फर्जी दस्तावेज बनाकर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की गई है. आरोपियों का असफल प्रयास उजागर हुआ है. इतना ही नहीं राजस्व विभाग की किसान ऋण पुस्तिका भी आरोपियों के हाथ लगने जैसा गंभीर मामला भी सामने आया है. दमोह तहशील अन्तर्गत समन्ना राजस्व मंडल के समन्ना गांव निवासी किसान बृजलाल पटेल की करीब 18 एकड़ भूमि एवं नन्नेभाई पटेल की ढ़ाई (21/2) एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने का मामला सामने आया है.

गांव के ही धरमू अहिरवार द्वारा भूमि की फर्जी बही, फर्जी आधार कार्ड एवं फर्जी वोटर कार्ड बनवाकर HDFC बैंक में फर्जी किसान क्रेडिड बनवाने का आरोप लगा है. आरोपी को दस्तावेजों के आधार पर 24 लाख रुपये का लोन भी मंजूर कर दिया गया है, लेकिन जब एचडीएफसी बैंक का फील्ड ऑफिसर मौके पर जमीन का सत्यापन करने गांव पहुंचा तो गांव के लोग फर्जी बही (किसान ऋण पुस्तिका) पर 60 वर्षीय वृद्ध बृजलाल पटेल की जगह करीब 30 वर्षीय धरमू अहिरवार फोटो लगा हुआ देखकर गांव वालों के साथ स्वयं बृजलाल पटेल भी चौक गए और घटना की पूरी जानकारी के बाद बृजलाल पटेल एवं नन्नेभाई पटेल द्वारा कलेक्टर और एसपी को इस संबंध आवेदन दिया.





अधिकारियों ने कही ये बात
समन्ना निवासी आरोपी धरमू अहिरवार के द्वारा तैयार किए गए फर्जी कागजात एवं किसान ऋण पुस्तिका पर तहसीलदार के हस्ताक्षर एवं पद मुद्रा लगी हुई है जिस पर तहसीलदार बबीता राठौर का कहना है की किसान ऋण पुस्तिका पर जो हस्ताक्षर है वह दमोह तहसील के अंतर्गत किसी भी अधिकारी के नहीं है. हालांकि मामले में जांच की जा रही है.
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