अपना शहर चुनें

States

एंबुलेंस के 4 घंटे लेट से मिलने के कारण 4 साल के बच्चे की मौत

बच्चे के शव के साथ बिलखते परिजन.
बच्चे के शव के साथ बिलखते परिजन.

दमोह के जिला अस्पताल में गुरुवार की शाम एक बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाते हुए देर से एंबुलेंस उपलब्ध कराने की बात कही.

  • Share this:
दमोह के जिला अस्पताल में गुरुवार की शाम एक बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाते हुए देर से एंबुलेंस उपलब्ध कराने की बात कही.

परिजनों ने रो रोकर आरोप लगाया कि उन्होंने सिविल सर्जन से गिड़गिड़ाते हुए जल्दी एंबुलेंस की व्यवस्था करने की गुहार लगाई थी, लेकिन सिविल सर्जन ने पांच मिनट-दस मिनट कहते हुए चार घंटे लगा दिए, जिससे दमोह से निकलते ही मारूताल में उनके बच्चे की मौत हो गई. वहीं सिविल सर्जन ने एक सधे हुए अधिकारी की तरह पल्ला झाड़ते हुए अपने को मामले से अलग कर लिया.

मामले के अनुसार छतरपुर जिले के बक्स्वाहा थाना अंतर्गत रहने वाले रघुवीर सिंह लोधी अपने पोते रोहित को बुखार होने के बाद दमोह में इलाज कराने के लिए गुरुवार की दोपहर में आए थे. जहां पर करीब एक घंटे इलाज कराने के बाद डाक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए 4 साल के इस बच्चे को जबलपुर रेफर कर दिया.



इसके बाद रघुवीर सिंह ने एंबुलेंस के लिए सिविल सर्जन से बात की तो करीब चार घंटे बाद बच्चे को एंबुलेस मिल सकी, लेकिन देरी से एंबुलेंस के कारण बच्चे की मौत हो गई.
दमोह जिला अस्पताल के सीएमओ पर मृत बच्चे के परिजनों द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद जब सिविल सर्जन से हमने बात की तो एक शातिर अधिकारी की तरह सीएमओ ने पूरे मामले से ही पल्ला झाड़ लिया.

साथ ही एंबुलेंस के लिए स्वयं ही प्रयास करके एंबुलेंस दिलवाने की बात कही. वहीं एंबुलेंस देरी के मामले में एंबुलेंस का काम देखने वाले कर्मचारी पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लिया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज