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Damoh by Election : BJP को राहत- सिद्धार्थ मलैया नहीं होंगे बाग़ी, चुनाव लड़ने से किया इंकार

जयंत मलैया 6 बार दमोह सीट से विधायक चुने गए. उनके बेटे इस बार टिकट के दावेदार थे.

जयंत मलैया 6 बार दमोह सीट से विधायक चुने गए. उनके बेटे इस बार टिकट के दावेदार थे.

Damoh, सिद्धार्थ मलैया ने कहा- ये पार्टी का निर्णय है. वो मुझे निगम मंडल अध्यक्ष बनाती या नहीं. लेकिन मैं निगम मंडल अध्यक्ष नहीं बनना चाहता. क्योंकि चुनाव के लिए मुझे निगम मंडल अध्यक्ष बनाया जाए ऐसा मैं उचित नहीं मानता.

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दमोह. दमोह विधानसभा उप चुनाव (Damoh assembly by election) की सरगर्मी और कमलनाथ (Kamalnath) के दौरे के बीच बीजेपी में अंतर्कलह की फुसफुसाहट पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है. वजह है सिद्धार्थ मलैया का एक ऐलान. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ ने आज ऐलान कर दिया कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगे. अपने पिता के आदेश को मानेंगे और पूरी निष्ठा से पार्टी के लिए काम करेंगे.

दमोह विधान सभा सीट पर होने जा रहे उप चुनाव में मलैया परिवार की नाराज़गी और असंतोष के चर्चे ज़ोरों पर थे. मसला टिकट कटने का था. पार्टी के कद्दावर नेता जयंत मलैया लगातार इस सीट से जीतकर 6 बार विधानसभा पहुंचे. लेकिन 2018 के चुनाव में कांग्रेस के राहुल लोधी से महज़ चंद वोटों से हार गए. इसकी वजह रहे राम कृष्ण कुसमरिया जो बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतर गए थे. उन्होंने बीजेपी के वोट कटवा दिये और इसका फायदा कांग्रेस उठा ले गयी.

मलैया का टिकट कटा
मध्य प्रदेश में हुए महा दल बदल के कुछ समय बाद दमोह से चुने गए कांग्रेस विधायक राहुल लोधी भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. पार्टी अब लोधी को ही अपना उम्मीदवार बनाने जा रही है. इस वजह से मलैया को टिकट नहीं मिलेगा. इससे मलैया परिवार में नाराज़गी और असंतोष की खबरें आ रही थीं. चर्चा थी कि मलैया के बेटे सिद्धार्थ निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं.
कमलनाथ का दौरा और कांग्रेस का दावा


आज कमलनाथ दमोह के दौरे पर थे. इससे एक दिन पहले पीसीसी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने ये कहकर माहौल गर्मा दिया था कि बीजेपी के कई नेता हमारे संपर्क में हैं. उन्हें पार्टी में शामिल करने पर कमलनाथ के दौरे के बाद फैसला लिया जा सकता है. इसलिए अटकलें ये भी थीं कि आखिर बीजेपी का कौन सा नेता कांग्रेस में जाने वाला है.

अटकलों पर विराम
दमोह में चुनावी सरगर्मी के बीच सबकी नज़रें पीसीसी चीफ कमलनाथ के दौरे पर टिकी थीं. लेकिन सिद्धार्थ मलैया ने ये ऐलान करके सभी अटकलों पर विराम लगा दिया कि वो दमोह विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा पिताजी का आदेश है कि चुनाव नही लड़ना है, इसका सम्मान रखते हुए मैंने ये निर्णय में लिया है.

सिद्धार्थ ने कहा-हां दावेदार था
सिद्धार्थ मलैया का कहना है चुनाव लड़ने के लिए हमने पूरी तरह से तैयारी की थी. टिकट के लिए पार्टी शीर्ष नेतृत्व से पुनः विचार के लिए बात भी रखी थी. लेकिन पिताजी का आदेश है कि पार्टी के प्रति हमारी निष्ठा है. इसलिए हम भारतीय जनता पार्टी का काम निष्ठा से करेंगे.

निगम-मंडल मंज़ूर नहीं
सिद्धार्थ मलैया ने निगम मंडल अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा पर कहा- ये पार्टी का निर्णय है. वो मुझे निगम मंडल अध्यक्ष बनाती या नहीं. लेकिन मैं निगम मंडल अध्यक्ष नहीं बनना चाहता. क्योंकि चुनाव के लिए मुझे निगम मंडल अध्यक्ष बनाया जाए ऐसा मैं उचित नहीं मानता. मेरा परिवार विश्वासहीन नहीं है. पार्टी को हमारे काम पर पूरा विश्वास है. मेरे साथ जो भी पार्टी कार्यकर्ता हैं वो भी बात मानेंगें और पार्टी के लिए काम करेंगे.
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