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'जनता को पत्रकारों के साथ खड़ा होने का समय आ गया है'

लोगों का कहना है कि शासन प्रसाशन प्रतिनिधि के द्वारा जब जब आम जनता की बातों को गंभीरता से नही लिया गया तब पत्रकार ही खुलकर जनता के हित मे आवाज़ उठाता आया है
लोगों का कहना है कि शासन प्रसाशन प्रतिनिधि के द्वारा जब जब आम जनता की बातों को गंभीरता से नही लिया गया तब पत्रकार ही खुलकर जनता के हित मे आवाज़ उठाता आया है

लोगों का कहना है कि शासन प्रसाशन प्रतिनिधि के द्वारा जब जब आम जनता की बातों को गंभीरता से नही लिया गया तब पत्रकार ही खुलकर जनता के हित मे आवाज़ उठाता आया है

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2017, 7:51 PM IST
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बेंगलुरु में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद देश भर में इस घटना का विरोध जारी है. दोषियों को सजा देने की मांग उठ रही है. मध्यप्रदेश के दमोह शहर में सिविल सोसायटी द्वारा पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर विरोध जताते हुए कैंडिल मार्च के साथ मौन धारण करके श्रद्धाजंलि अर्पित की गई.

स्थानीय घंटाघर पर हुए सादे समारोह में लोगों ने एकत्रित होकर पत्रकारों के साथ खड़े होकर नृशंस हत्या का विरोध जताया. कार्यक्रम में दमोह शहर के लोग सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए. कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही शहर के पत्रकार भी वहां पहुंचे.

लोगों का कहना है कि शासन प्रसाशन प्रतिनिधि के द्वारा जब जब आम जनता की बातों को गंभीरता से नही लिया गया तब पत्रकार ही खुलकर जनता के हित मे आवाज़ उठाता आया है. आज यदि किसी निर्भीक, निडर और साहसी पत्रकार की गोली मारकर हत्या की जाती है, उसकी आवाज़ को दबाने का कुत्सित प्रयास किया जाता है तब जनता का फर्ज बनता है कि खुलकर पत्रकारों के पक्ष में कंधे से कंधा मिलाकर ऐसी ताकतों का सामना करे और अपने घरों से बाहर निकले.



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यहां एकत्रित हुए लोगों ने कैंडल मार्च के साथ साथ कुछ देर का गौरी लंकेश के सम्मान में कुछ देर का मौन भी रखा और कहा कि किसी व्यक्ति को मारा जा सकता है लेकिन उसकी विचारधारा को नहीं मारा जा सकता है. तुम एक गौरी को मारोगे हर घर से गौरी निकलेगी.

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