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पुजारियों ने मना किया तो महिला थानेदार ने की दलितों के यहां देवी की स्थापना

मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में छुआछूत और जातिवाद के बीच दलितों के यहां पंडितों के देवी पूजन मना करने के बाद महिला थानेदार ने खुद ही देवी स्थापना कर नजीर पेश किया है.

मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में छुआछूत और जातिवाद के बीच दलितों के यहां पंडितों के देवी पूजन मना करने के बाद महिला थानेदार ने खुद ही देवी स्थापना कर नजीर पेश किया है.

मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में छुआछूत और जातिवाद के बीच दलितों के यहां पंडितों के देवी पूजन मना करने के बाद महिला थानेदार ने खुद ही देवी स्थापना कर नजीर पेश किया है.

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मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में छुआछूत और जातिवाद के बीच दलितों के यहां पंडितों के देवी पूजन मना करने के बाद महिला थानेदार ने खुद ही देवी स्थापना कर नजीर पेश किया है.

दमोह जिले के पटेरा के एक गावं कोटा में इलाके की महिला सब इन्स्पेक्टर अंजलि उदेनिया ने ऐसा काम किया है जिसको लेकर इस महिला थानेदार की चर्चाएं पूरे इलाके में है. दरअसल, कोटा गांव में दलित समाज के लोगों ने अपने गांव में नवरात्र देवी प्रतिमा स्थापना करने की योजना बनाई जिसके लिए बाकायदा इंतज़ाम किए.

पंडाल बनाकर देवी प्रतिमा भी लेकर आए, लेकिन जब देवी स्थापना का वक्त आया तो इलाके के पुजारियों ने यहाँ पूजन करने से मना कर दिया. चूंकि दलित यहाँ देवी स्थापना कर रहे थे, इसलिए इलाके के पंडितों ने उनकी पूजा करने से मना कर दिया.



यहाँ पहुंची महिला सब इन्स्पेक्टर अंजलि उदेनिया ने हालातों को देखते हुए पहले पंडित का इंतज़ाम करने की बात कही लेकिन जब पंडित के आने में देर हुई तो उन्होंने दलितों को बोला कि वो भी ब्राह्मण जाति से है और उन्हें विधि विधान से पूजा पाठ भी आता है और वो खुद देवी स्थापना करेंगी. और फिर क्या था अंजलि ने वर्दी पर ही पूजन शुरू किया. इस बीच इलाके के एक और पंडित महिला थानेदार की इस पहल को देखकर आगे आए और उन्होंने भी इस काम को साथ में अंजाम दिया.
इस पूरे मामले पर पटेरा थाने की प्रभारी अंजलि उदेनिया कहती है कि उन्हें खबर लगी थी कि कोटा गांव में देवी स्थापना को लेकर कुछ इस तरह का चल रहा है तो वो वहां पहुंची और सामाजिक सदभाव कायम रखने ये कदम उठाया. साथ ही जातिगत कुरीतियों को तोड़ने का काम किया है.
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