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इस अस्पताल में बीस सालों से रखी है मच्छर मारने वाली दवा

 दमोह के मलेरिया विभाग में बीस साल से बीएसी पचास प्रतिशत नामक दवा की 484 बोरियां रखी हैं.
दमोह के मलेरिया विभाग में बीस साल से बीएसी पचास प्रतिशत नामक दवा की 484 बोरियां रखी हैं.

दमोह के मलेरिया विभाग में बीस साल से बीएसी पचास प्रतिशत नामक दवा की 484 बोरियां रखी हैं.

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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर हमेशा ही सवालिया निशान लगते हैं चाहे वे अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के हों, अस्पतालों में पदस्थ डाक्टरों की गुंडागर्दी के हों, या फिर अस्पतालों में मानवता को शर्मसार करने के मामले ही क्यों न हो.

एक ऐसा ही मामला है अस्पतालों में पैसा खर्च करने पर आने वाली दवा के एक्सपायर होकर खराब होने का. दमोह के मलेरिया विभाग का यह कारनामा अलग ही है. यहां पर मलेरिया विभाग के पास बीस साल से मच्छर मारने की दवा एक्सपायर होने के बाद बीस साल से कबाड़ में रखी है. इस दवा को नष्ट करने के लिए विभागीय कार्रवाई नहीं हो रही है. दमोह के मलेरिया विभाग में बीस साल से बीएसी पचास प्रतिशत नामक दवा की 484 बोरियां रखी हैं.

खास बात यह है कि इन दवाइयों की कीमत से ज्यादा इनके सरंक्षण में खर्च कर दिया गया है. साथ ही यह दवा पीथमपुर में नष्ट होनी है, जिसके लिए लगातार विभागीय कार्रवाई करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. जिससे विभाग के परिसर में बदबू फैल रही है.



वहीं विभाग के लोगों का ही कहना है कि इससे कैंसर आदि जैसे रोगों की आशंका रहती है. फिर भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है.
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