SC-ST एक्ट का दुरुपयोग: बयान से पलटने पर कोर्ट ने सख्ती से कहा- वसूली जाए राहत राशि

मध्य प्रदेश की दमोह की एक अदालत ने बयान से पलटने पर कलेक्टर को फरियादियों को राहत राशि के रूप में सरकार की ओर से दी गई 1.50 रुपए वसूल करने के निर्देश दिए हैं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 26, 2019, 11:17 AM IST
SC-ST एक्ट का दुरुपयोग: बयान से पलटने पर कोर्ट ने सख्ती से कहा- वसूली जाए राहत राशि
दमोह का न्यायालय जहां सुनाया गया यह फैसला
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Updated: July 26, 2019, 11:17 AM IST
मध्य प्रदेश के दमोह जिले की एक अदालत में पहले दिए बयान से पलटने और झूठे मुकदमे में फंसाने के एक मामले में बड़ा फैसला दिया है. घटना जिले की पटेरा तहसील के अंतर्गत पटेरिया गांव की है. इस गांव के निवासी गोपी अहिरवार और उसकी मां अवधरानी अहिरवार ने इसी गांव के निवासी रतन सिंह के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था. इसमें कहा गया था कि खेतों की सिंचाई को लेकर हुए विवाद के बाद रतन सिंह ने उन लोगों के साथ मारपीट की है. वर्ष 2016 में यह मामला सामने आया था.

शासकीय वकील राजीव बद्री सिंह, जिनके प्रयास से फरियादियों को मिली राहत राशि वसूलने का हुआ आदेश 


इस मामले की सुनवाई के बाद फरियादी गोपी अहिरवार और उसकी मां को राहत राशि के रूप 75-75 हजार रुपए दिए गए थे. वह मुकदमा दमोह के विशेष न्यायाधीश आर. एस. शर्मा की अदालत में चल रहा था.

बाइक से गिरने पर दर्ज कराया था मारपीट का मामला 

इस मामले में फरियादी गोपी अहिरवार कोर्ट में पहले दर्ज कराए गए बयान पलट गया. उसने कोर्ट में कहा कि उसके साथ मारपीट नहीं की गई थी. वे लोग बाइक से गिर गए थे जिसकी वजह से उनको चोट आई थी. इसके बाद विशेष न्यायालय ने फरियादी और उसकी मां को सरकार की ओर से दिए गए  1 लाख 50 रुपए हजार वसूलने का जिला कलेक्टर को निर्देश जारी किया और आरोपी रतन सिंह लोधी को मामले से बरी कर दिया .

(रिपोर्ट- धर्मेश)

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First published: July 26, 2019, 7:45 AM IST
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