Video - बार बालाओं ने लगाए ठुमके, MLA ने गाया रंग बरसे...रंगपंचमी पर जमकर उड़ीं कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां

दमोह में रंगपंचमी पर कोरोना गाइडलाइंस का मजाक बनाया गया.

दमोह में रंगपंचमी पर कोरोना गाइडलाइंस का मजाक बनाया गया.

मध्य प्रदेश का जिला दमोह. यहां रंगपंचमी पर होली मिलने समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बड़ा मलहरा के विधायक लोधी शामिल हुए. एमएलए ने गाना गया. बार बालाओं ने लोगों को जमकर नचाया.

  • Last Updated: April 3, 2021, 12:05 PM IST
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दमोह. प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण चलते प्रदेश के कई जिलों में लॉकडाउन लगाया जा रहा है. लेकिन, दमोह जिले में जनप्रतिनिधि से लेकर जनता ने कोरोना गाइडलाइंस की जमकर धज्जियां उड़ाईं. विधायक ने जहां गाने गाकर मस्की की, वहीं लोगों ने भी बार बालाओं के साथ जोरदार ठुमके लगाए. लोगों ने एक-दूसरे की जान के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया.

दरअसल, यहां रंगपंचमी के दौरान व्यापारी संघ ने होली मिलन समारोह आयोजित किया था. इसमें सभी पार्टियों के लोग शामिल हुए. बाकायदा मंच सजाया गया, बार बालाएं बुलाई गईं और उनके ठुमकों पर जमकर ठुमके लगाए गए. न कोई मास्क, न कोई सेनेटाइजर और न किसी तरह की सोशल डिस्टेंसिंग.

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बिना सोशल डिस्टेंसिंग किया डांस और लंच
कार्यक्रम में बड़ा मलहरा विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी भी शामिल हुए. उन्होंने भी कार्यक्रम का बिना किसी कोरोना गाइडलाइन के जमकर मजा लिया. उन्होंने ‘रंग बरसे भीगे चुनर वाली...गाना गाया और जमकर मस्ती की. इस दौरान मंच पर उनके साथ कई लोग मौजूद थे, वहीं मंच से नीचे भी सैकड़ों की भीड़ नाच रही थी. इसके बाद लोगों ने बिना सोशल डिस्टेंसिंग के एक-दूसरे को रंग लगाया और लंच किया.

ये है प्रदेश के चार शहरों में कोरोना की स्थिति

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार 10.5% पहुंच गई है. चार बडे़ शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की स्थिति ज्यादा खराब है. यहां संडे लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू भी फेल साबित हो रहे हैं. 24 घंटे में इंदौर में सबसे ज्यादा 708 और भोपाल में 502 केस सामने आए हैं. भोपाल में संक्रमण दर 20.08% है.



शुक्रवार को जबलपुर में भी 200 से ज्यादा मरीज मिले, जो 18 सितंबर 2020 के बाद सबसे ज्यादा हैं। उधर, ग्वालियर में 120 पॉजिटिव मिले हैं. प्रदेश में जितने केस इस साल जनवरी और फरवरी मे मिलाकर नहीं आए, उससे ज्यादा मार्च में बढ़ गए. जनवरी-फरवरी में जहां केस 20 हजार से कम केस थे, वहीं मार्च में करीब 34 हजार केस हो गए. अप्रैल के तो शुरुआती 2 दिन में ही 5,000 से ज्यादा केस आ चुके हैं.
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