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मेडिकल का वह छात्र जाते-जाते दे गया औरो को जिंदगी

अंगदान करने वाले प्रियंक की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़
फोटो- ईटीवी
अंगदान करने वाले प्रियंक की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ फोटो- ईटीवी

दमोह जिले की नगर पंचायत पटेरा के किराना व्यापारी द्वारका गुप्ता के बेटे प्रियंक गुप्ता ( 20 वर्ष) की उसकी मौत हो गई लेकिन अंगदान करके जाते- जाते भी वह औरों को जीवनदान दे गया.

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मध्य प्रदेश के दमोह जिले की नगर पंचायत पटेरा के किराना व्यापारी द्वारका गुप्ता और उनकी पत्नी कमल गुप्ता ने इकलौते बेटे प्रियंक गुप्ता ( 20 वर्ष) को डॉक्टर बनाने  के लिए इंदौर इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में दाखिल दिलाया था. औरों की जिंदगी बचाने के लिए प्रियंक डॉक्टर बनना चाह रहा था पर उसकी मौत हो गई.  प्रियंक लेकिन अंगदान करके  जाते- जाते भी औरों को जीवन दान दे गया.

प्रियंक 26 जून को इंदौर में अपने सीनियर के साथ जा रहा था.  उसी दौरान वह बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर कोमा की स्थिति में चला गया था.  तब से लेकर अब तक माता- पिता ने इलाज में कोई कमी नही छोड़ी लेकिन प्रियंक जिंदगी की जंग हार गया.

इसके बाद प्रियंक के माता- पिता ने उसके अंगदान करने का फैसला ले लिया. डॉक्टर ने मुस्कान ग्रुप को सूचना दी. परिवार के लिए अंगदान की काउंसलिंग करने सेवादार पहुंचे.



जिसके बाद प्रियंक के परिवार की सहमति के बाद अंगदान के लिए इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के सह सचिव ने देश के विभिन्न अस्पतालों से संपर्क किया.
इसके बाद प्रियंक का हार्ट, लीवर, किडनी और नेत्रदान किया गया. जिसमे हार्ट ट्रांसप्लांट मैक्स अस्पताल नई दिल्ली में,  लीवर ट्रांसप्लांट सीएचएल अस्पताल में, किडनी इंदौर एवं नेत्रदान एमके इंटरनेशनल आई बैंक को दिए गए. वहीं प्रियंक को पटेरा लाए जाने के बाद उसे नम आंखो से विदाई दी गई. डोनेशन के बारे में प्रियंक की बहन ने जानकारी दी.

 

 
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