...DFO कार्यालय ने जारी किया पत्र- साईंबाबा का यह संदेश फॉरवर्ड करने से मिलता है प्रमोशन

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 29, 2019, 9:51 AM IST
...DFO कार्यालय ने जारी किया पत्र- साईंबाबा का यह संदेश फॉरवर्ड करने से मिलता है प्रमोशन
DFO कार्यालय की ओर से जारी पत्र चर्चा का ि‍विषय बना हुआ है. (सांकेतिक तस्वीर)

दतिया के डीएफओ (DFO) कार्यालय की ओर से जारी पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, उसे निरस्‍त करने का निर्देश दिया जा चुका है.

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बिना देखे या पढ़े किसी कागज पर साइन करना घातक हो सकता है. साथ ही यह उपाहास का विषय भी बन सकता है. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया (Datia) जिले में सामने आया है.

दतिया जिले के जिला वनमंडलाधिकारी (Forest officer) यानि डीएफओ कार्यालय (DFO Office) से दो दिन पहले सभी एसडीओ (SDO) और रेंजर्स को एक पत्र (Letter) जारी किया गया था. यह पत्र प्रशासनिक हल्कों में चर्चा और चटखारों का विषय बन गया है. दरअसल, इस पत्र में अंधविश्वास (Superstition) से भरा संदेश लिखा हुआ था और गलती से डीएफओ ने उसपर हस्ताक्षर कर दिए.

पत्र में लिखा था यह संदेश

22 अगस्त को डीएफओ के ऑफिस में बंद लिफाफे में एक पत्र आया. इस पत्र में लिखा था कि 'यह SMS सबको जरूर भेजना...एक औरत ने बहुत बीमारी की हालत में सपना देखा कि साईंबाबा उसे पानी पिला रहे हैं. सुबह जब वह औरत जागी तब वह ठीक हो चुकी थी और उसके पास एक टुकड़ा पड़ा था, जिसपर लिखा था Sai baba is the living God in the world. उसने लोगों को बताया. एक ऑफिसर ने यह SMS लोगों को भेजा तो उसे प्रमोशन मिल गया. एक आदमी ने डिलीट कर दिया तो उसने अपना सब कुछ 13 दिनों में खो दिया. यह SMS आप 13 लोगों को भेज कर देखें.'

डीएफओ-DFO
डीएफओ कार्यालय की ओर से जारी पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है. (सांकेतित तस्वीर)


बिना देखे कर दिया था रिसीविंग हस्ताक्षर

यह कागज डीएफओ प्रियांशी राठौर (Priyanshi Rathore) तक पहुंचा और उन्होंने बिना देखे ही इस पर रिसीविंग हस्ताक्षर (Receiving signature) भी कर दिया. इसके बाद ऑफिस के क्लर्क बालकृष्ण पांडे ने भी इस पत्र पर बिना देखे ही वनमंडलाधिकारी की सील लगाकर इसे सभी एसडीओ, रेंजरों और अन्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को जारी कर दिया.
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जब यह पत्र विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा तो वे अचंभे में पड़ गए. यह बात डीएफओ प्रियांशी राठौर तक पहुंची. डीएफओ को गफलत का अहसास हुआ और उन्होंने 27 अगस्त को एक और पत्र जारी कर पहले भेजे हुए पत्र को निरस्त मानने के निर्देश दिए.डीएफओ प्रियांशी राठौर ने कहा, 'कार्यालय में आने वाले हर पत्र पर हमें रिसीविंग देनी होती है. इसी क्रम में इस कागज पर भी हस्ताक्षर हो गया. हालांकि, हस्ताक्षर के बाद मैंने लिपिक पांडे से इसे अलग करने के लिए बोल दिया था, लेकिन पांडे ने इसे जारी कर दिया.'

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First published: August 29, 2019, 8:57 AM IST
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