MP by Election Result : दतिया : किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की तरह चला रक्षा और बरैया में मुकाबला

 इसी के साथ रक्षा सरोनिया ने 72 साल का दोबारा चुनाव न जीत पाने का मिथ तोड़ दिया.इस मिथ के कारण कोई भी प्रत्याशी दतिया (DATIA) सीट से दोबारा खड़ा होने से कतराता है
इसी के साथ रक्षा सरोनिया ने 72 साल का दोबारा चुनाव न जीत पाने का मिथ तोड़ दिया.इस मिथ के कारण कोई भी प्रत्याशी दतिया (DATIA) सीट से दोबारा खड़ा होने से कतराता है

इसी के साथ रक्षा सरोनिया ने 72 साल का दोबारा चुनाव न जीत पाने का मिथ तोड़ दिया.इस मिथ के कारण कोई भी प्रत्याशी दतिया (DATIA) सीट से दोबारा खड़ा होने से कतराता है

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दतिया. मध्य प्रदेश (MP) की 28 विधान सभा सीटों के लिए हुए उप चुनाव  (By Election) में प्रदेश में सबसे अधिक दिलचस्प और कांटे का मुकाबला भांडेर विधान सभा सीट पर रहा. बल्कि इसे सांस रोक देने वाला मुकाबला कह सकते हैं. यहां भाजपा की रक्षा सरोनिया ने दिग्गज दलित नेता कांग्रेस प्रत्याशी फूलसिंह बरैया को मात्र 161 वोट से हरा दिया. इस जीत के साथ ही रक्षा सरोनिया ने 72 साल पुराने इस मिथक को भी तोड़ दिया कि भांडेर से कोई भी प्रत्याशी दोबारा चुनाव नहीं जीत पाता.

भांडेर विधान सभा सीट पर पहले राउंड की गिनती से शुरू हुआ सस्पेंस अंतिम राउंड की गिनती तक जारी रहा. वोटों की गिनती की शुरूआत में पहले राउंड के बाद कांग्रेस के फूलसिंह बरैया को 3501 वोट और भाजपा की रक्षा सरोनिया को 2336 वोट मिले. बरैया ने 1165 वोट की लीड ले ली जो चौथे राउंड तक बरकरार रही. लेकिन पांचवे राउंड के बाद पांसा पलटने लगा और भाजपा की रक्षा सरोनिया 254 वोट से आगे निकल गयीं.

फिल्मी सस्पेंस की तरह मुकाबला
11वें राउंड में मुकाबला किसी फिल्म के सस्पेंस की तरह बहुत ही दिलचस्प हो गया. भाजपा और कांग्रेस के वोट बराबर बराबर हो गए. लेकिन 12वें राउंड के बाद भाजपा की रक्षा सरोनिया ने फिर बढ़त ले ली. वे 71 वोट से आगे हो गई. राउंड दर राउंड दिलचस्प हो रहे मुकाबले में 12वें राउंड में  71 वोट की बढ़त लेने के बाद रक्षा सरोनिया 13वें राउंड में फिर पिछड़ गईं. 13वें राउंड में फूलसिंह बरैया 263 वोट से आगे हो गए. 14वें राउंड में फिर रक्षा सरोनिया ने उन्हें 66 वोट से पीछे छोड़ दिया. वो अगले ही 15वें राउंड में पिछड़ गयीं. लेकिन उनकी किस्मत में जीत लिखी थी इसलिए 17 वें राउंड में वो फिर आगे आ गयीं और अंततः 161 वोट से जीत हासिल कर ली.
टूट गया मिथक


रक्षा सिरोनिया की इस जीत के साथ ही 72 साल से अटूट इस मिथक को भी तोड़ डाला कि भांडेर से कोई जनप्रतिनिधि दोबारा नहीं जीत पाता. इस मिथक को तोड़ने में उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी फूलसिंह बरैया के वायरल वीडियो की बड़ी भूमिका रही जिसमें वे हिंदू धर्म और उच्च जातियों तथा रानी लक्ष्मीबाई के बारे में अभद्र भाषा बोलते सुनाई दिए. इससे हिंदुओं का बड़ा वर्ग नाराज हो गया और फिर रक्षा सरोनिया की और झुक गया. रही सही कसर कांग्रेस से विद्रोह कर बसपा से चुनाव लड़े महेंद्र बौद्ध ने पूरी कर दी. उनके चुनाव लड़ने से कांग्रेस के वोट बंट गए.

रक्षा की विनम्रता पसंद आयी
रक्षा सरोनिया का सरल स्वभाव और विनम्रता भी मतदाताओं ने पसंद की. इसे देखकर मतदाताओं ने फूलसिंह बरैया की जगह उन्हें फिर से तरजीह दी और इसी के साथ रक्षा सरोनिया ने 72 साल का दोबारा चुनाव न जीत पाने का मिथ तोड़ दिया.इस मिथ के कारण कोई भी प्रत्याशी इस सीट से दोबारा खड़ा होने से कतराता है. किसी सुपर हिट सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की तरह भांडेर का चुनाव रहा और बिलकुल 20-20 क्रिकेट मैच की तरह मतगणना का दौर चला. हर राउंड में प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ती जा रही थी. इसमें रक्षा सरोनिया ने आखिरी बॉल पर जीत का शॉट लगा दिया.
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