मध्‍य प्रदेश: 16वीं बार प्रेग्‍नेंट हुई महिला की मौत, बेटी के कहने पर भी नहीं कराई थी नसबंदी

सांकेतिक तस्वीर
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महिला की पहले 15 संतानों में सिर्फ आठ बच्चे ही जीवित हैं, जबकि 7 बच्चों की मौत पहले ही हो चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 9:18 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश के दमोह की एक दुखद खबर इन दिनों चर्चा में है. यहां एक महिला सोलहवीं बार गर्भवती हुई जिसमें उसने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही घंटों में बच्चे समेत महिला की मौत हो गयी. जानकारी के मुताबिक महिला की पहले 15 संतानों में सिर्फ आठ बच्चे ही जीवित हैं, जबकि 7 बच्चों की मौत पहले ही हो चुकी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय आशा कार्यकर्ता कल्लो बाई विश्वकर्मा ने बताया कि पाड़ाझिर निवासी 46 वर्षीय सुखरानी अहिरवार ने शनिवार को अपने 16वें बच्चे को जन्म दिया. प्रसव पीड़ा के दौरान गंभीर हालत के चलते परिजन उसे और उसके नवजात बच्चे को लेकर तत्काल हटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही मां-बेटा दोनों की मौत हो गई.

मरने वाली महिला सुखरानी की बेटी ने कहा, 'मैंने अपनी मां को कई बार नसबंदी करा लेने की सलाह दी, लेकिन मेरे पिता नहीं माने. मैंने उन्हें अपने बारे में भी बताया कि मैंने भी बिना अपने ससुराल वालों को बताए नसबंदी करा ली है.' स्थानीय लोगों का कहना है कि सुखरानी 15 बार गर्भवती होने के चलते काफी बीमार भी रहती थी.



पाड़ाझिर गांव की मान्यता प्राप्त सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट (ASHA) कल्लो बाई ने बताया कि सुखरानी ने 1997 में अपने पहले बच्चे को (एक लड़की) जन्म दिया था. 2005 में अपनी छठी गर्भावस्था में, उसने जुड़वां (एक लड़का और एक लड़की) को जन्म दिया. उसकी गर्भावस्था जारी रही, और 2009 से 2020 के बीच, उसने पांच और बच्चों को जन्म दिया और उसके तीन गर्भपात हुए. कुल मिलाकर, उसने आठ बच्चों को खो दिया. विश्वकर्मा ने कहा कि उसने सुखरानी को एक चिकित्सा शिविर में ले जाकर उसे नसबंदी के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन प्रारंभिक परीक्षण के बाद, सुखरानी अपने पति के दबाव में राजी नहीं हुई.
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