नोटबंदी से बढ़े 20 फीसदी करदाता, टैक्स वसूली में भी हुआ इजाफा

एमपीसीजी के  प्रभारी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ए.के.चौहान
एमपीसीजी के प्रभारी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ए.के.चौहान

नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा रकम के चलते मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में टैक्सपेयर्स की संख्या में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है, सलाना टैक्स ग्रोथ भी 19.5 फीसदी बढ़ा है.

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नोटबंदी को लेकर भले ही कारोबारियों और आम लोगों की राय नकारात्मक रही हो, लेकिन आयकर विभाग के अफसर नोटबंदी को राष्ट्रहित में मान रहे हैं. नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा रकम के
चलते मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में टैक्सपेयर्स की संख्या में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है, सलाना टैक्स ग्रोथ भी 19.5 फीसदी बढ़ा है. 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद दोनों राज्यों में 19 हजार लोगों ने बैंकों से संदिग्ध लेनदेन किया. विभाग ने ऐसे लोगों से सेल्फ डिक्लियरेशन करने के लिए कहा है.

एमपीसीजी के प्रभारी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ए.के.चौहान ने बुधवार को राजधानी भोपाल में कहा कि आयकर विस्तार योजना चलाकर, उन करदाताओं को जोड़ने की कोशिश की जाएगी, जो टैक्सपेयर नही हैं. नोटबंदी से यह पहचान हो गई है कि किसके पास कितनी राशि है. बैंकों में जमा रकम अब सर्कुलेशन में आ गई है. इसके चलते टारगेट से ज्यादा करीब दो हजार करोड़ का टैक्स कलेक्शन हुआ है, करदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है.

वर्ष 2015-2016 में 13 लाख 23 हजार 497 लोग टैक्स पेयर थे, जो बढ़कर वर्ष 2016-17 में 15 लाख 93 हजार हो गए हैं. चौहान ने कहा कि विभाग की ओर से नए करदाता को जोड़ने के लिए योजना और कर संग्रहण के लिए अभियान चलाया जाएगा.
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