जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं स्कूल जाने को बच्चे

ड्राम और लकड़ी के तख्तों से बनी नाव से नदी पार करते बच्चे
ड्राम और लकड़ी के तख्तों से बनी नाव से नदी पार करते बच्चे

जिला मुख्यालय देवास से महज 18 किलोमीटर दूर हिरली गांव के बच्चे उफनती शिप्रा नदी को ड्रम और रस्सियों से पार करके शिक्षा ग्रहण करने दूसरी पार के स्कूल जाते हैं.यह प्रदेश के शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के विधानसभा क्षेत्र हाटपिपलिया का गांव है.

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जिला मुख्यालय देवास से महज 18 किलोमीटर दूर हिरली गांव के बच्चे उफनती शिप्रा नदी को ड्रम और रस्सियों से पार करके  शिक्षा ग्रहण करने दूसरी पार के स्कूल जाते हैं.यह प्रदेश के शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के विधानसभा क्षेत्र हाटपिपलिया का गांव है.पचास से अधिक स्कूली बच्चे रोज जुगाड़ से बनाई एक नाव में सवार होकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए पढ़ाई करने पहुंचते हैं.

गांव में इतने वर्षों बाद भी सिर्फ 5वीं तक स्कूल होने से यह बच्चे अपना भविष्य बनाने इस ड्रम की नाव से प्रतिदिन सामने इंदौर जिले में स्थित सिमरोल गांव में अपनी पढ़ाई करने पहुंचते हैं. गांव के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर यह जुगाड़ की नाव तैयार की है. न्यूज 18 की टीम ने जब वहां जाकर स्कूली पढ़ाई करने वाले इन बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया कि कई बार बारिश की वजह से वह पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं.

वहीं नदी में ड्रम पलटी खाने की आशंका से हमेशा जान आफत में बनी रहती है.कभी स्कूल पार के शिक्षक पानी की आशंका को देखते हुए बच्चों की छुट्टी कर देते हैं.ड्रम उस पार होने से कई बार लम्बा इंतजार करना पड़ता है. एक लम्बी रस्सी उस पर बांधी गई है जिसके सहारे यह जुगाड़ की नाव चलती है. गांव की कई लड़कियों की पढ़ाई भी साधन नहीं होने से छूट गई. ड्रम पलटने व रस्सी टूटने से हादसे भी हुए हैं.



ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में ही हाई स्कूल हो जाए तो इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है. इस मामले में स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक जोशी ने कहा शासन स्तर पर अब गांव में ही माध्यमिक शिक्षा स्कूल प्रारंभ करने की योजना पर कार्य चल रहा है.नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना होने के कारण हमेशा शिप्रा में पानी भरा रहता है. इसलिए यहां पर दूसरे विकल्प कार्य योजना में रखे गए हैं. कलेक्टर श्री कांत पांडे को भी जब इस मामले से अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि शीघ्र ही समस्या का हल किया जाएगा.
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