कोविड पैनिक : जांच और इलाज में देरी के डर से लोडिंग गाड़ी में भी इलाज करवा रहे मरीज - देखें वीडियो

जांच और इलाज में देरी के डर से अस्पताल जाने के बजाए झोलाछाप डॉक्टरों के पास जा रहे लोग.

जांच और इलाज में देरी के डर से अस्पताल जाने के बजाए झोलाछाप डॉक्टरों के पास जा रहे लोग.

कोरोना का डर इस तरह लोगों में घर कर गया है कि सर्दी-खांसी होते ही जल्द से जल्द इलाज शुरू करवाना चाहते हैं. कोविड की जांच में हो रही देरी से इलाज में देरी का डर होता है. ऐसे में लोग नीम-हकीम से इलाज करवाने लगते हैं.

  • Share this:

देवास. मध्य प्रदेश के देवास के लोहारदा में बिना डिग्रीधारी डॉक्टर की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. इस डॉक्टर की क्लीनिक में जगह नहीं थी. तो उसने लोडिंग वाहन में ही 2 महिला और एक युवक को स्लाइन चढ़ा दी. यह मामला रविवार का बताया जा रहा है. इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की जानकारी में यह आया.

लोडिंग गाड़ी में मरीजों को चढ़ाई जा रही स्लाइन

बताया जा रहा है कि रहमानपूरा से चौहान गाड़ी में 4 लोग आए थे, जिनमें 3 मरीजों को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी. ये चारों लोग रविवार सुबह आए थे थे. ये लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हैं, जो आगे स्थिति गंभीर कर सकते हैं. चूंकि डॉक्टर की क्लिनिक में जगह नहीं थी तो उसने तीनों मरीजों को एक लोडिंग गाड़ी, जो चौहान फार्म के नाम से थी, उसी में सुलाकर स्लाइन चला दी. उनका इलाज सुबह से रात तक लोडिंग में चलता रहा. मरीजों से जब आसपास के लोगों ने पूछा तो पता चला उन्हें सरकारी अस्पताल में जाने के लिए कोविड की जांच करवानी होती. उसके पहले वह बिना डिग्रीधारी डॉक्टर के पास आए और बीमारी बता दी. तो डॉक्टर ने भी लोडिंग का रास्ता अपनाया.

देखें वीडियो

Youtube Video

जांच और इलाज में देरी का नतीजा

चिंता की बात यह है कि मरीज भी कोविड के चलते अब दहशत में हैं, वे तमाम तरह की जांच और उसमें देरी के कारण सरकारी अस्पताल में जाने में कतराने लगे हैं. ग्रामीणों ने तो यहां तक बताया कि ऐसे बहुत से डॉक्टर हैं जो मरीजों को इस तरह से इलाज करते दिखाई देते हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज