घर-घर जाकर बना रहा था नकली आयुष्मान कार्ड, जानिए कितनी रकम वसूल रहा था जालसाज

मप्र के देवास जिले में पुलिस ने नकली आयुष्मान कार्ड बनाने वाले को गिरफ्तार किया है.

मप्र के देवास जिले में पुलिस ने नकली आयुष्मान कार्ड बनाने वाले को गिरफ्तार किया है.

Dewas News: मध्य प्रदेश के देवास में हो रही थी जालसाजी. नकली आयुष्मान कार्ड बनाने वाले को पकड़ा गया है. आरोपी घर-घर जाकर लोगों का नकली आयुष्मान कार्ड बना रहा था. पुलिस इस युवक से कड़ी पूछताछ कर रही है.

  • Last Updated: May 27, 2021, 12:49 PM IST
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देवास. ये खबर मध्य प्रदेश सरकार के होश उड़ा देगी. देवास जिले में एक युवक फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ा है. ये युवक घर-घर जाकर 100-150 रुपए में लोगों को नकली आयुष्मान कार्ड बनाकर दे रहा था. पुलिस ने युवक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. आरोपी से पूछताछ जारी है.

जानकारी के मुताबिक तहसीलदार पूनम तोमर को लगातार नकली आयुष्मान कार्ड बनाने की शिकायतें मिल रही थीं. इस मामले में उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की . इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि शालिनी रोड पर एक युवक नकली आयुष्मान कार्ड बना रहा है. पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया. जांच में पता चला कि आरोपी किसी और के आयुष्मान कार्ड पर दूसरों का कार्ड बनाता था. चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है.

कार्ड धारकों को नहीं मिल पा रहा लाभ

दरअसल , मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद भी कोरोना संक्रमित मरीजों को आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. आयुष्मान योजना का लाभ न देने की 250 शिकायतें प्रशासन को मिल चुकी हैं. यह स्थिति तब है जब सरकार ने अस्पतालों को कहा है कि निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के लिए 20 फीसद बेड खाली रखने होंगे. बेड खाली होने पर वे इलाज करने से मना नही कर सकते. आयुष्मान योजना कार्ड धारक मरीजों का इलाज योजना के तहत करना होगा और उनसे कोई रकम नहीं वसूली जाएगी.
ये है अस्पतालों की हालत

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 अप्रैल को घोषणा की थी. भोपाल जिले में 161 निजी अस्पताल और 11 सरकारी अस्पताल आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के लिए सरकार की तरफ से अधिकृत है. बावजूद इसके 68 निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अब तक आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. भोपाल के चिरायु अस्पताल प्रबंधन ने तो योजना लागू करने से साफ इंकार कर दिया और मरीजों के परिजनों से बदसलूकी के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, लेकिन सरकार नोटिस देने के अलावा मरीजों के परिजनों से लाखों वसूल करने वाले अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है.

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