राज्य शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र में प्राइमरी के बच्चे धो रहे झूठे बर्तन

स्कूल से दूर लगे हैंडपंप पर झूठे बर्तन धोते नन्हें छात्र-छात्रा
स्कूल से दूर लगे हैंडपंप पर झूठे बर्तन धोते नन्हें छात्र-छात्रा

राज्य शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के गृह क्षेत्र में दो सहायक शिक्षकों के भरोसे एक प्राइमरी स्कूल चल रहा है. खबर यह है कि यहां पढ़ने आने वाले नौनिहालों को पढ़ाई के बदले स्कूल में झाड़ू-पोंछा के साथ-साथ झूठे बर्तन धोने पर मजबूर किया जा रहा है.

  • Share this:
राज्य शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के गृह क्षेत्र में दो सहायक शिक्षकों के भरोसे एक प्राइमरी स्कूल चल रहा है. खबर यह है कि यहां पढ़ने आने वाले नौनिहालों को पढ़ाई के बदले स्कूल में झाड़ू-पोंछा के साथ-साथ झूठे बर्तन धोने पर मजबूर किया जा रहा है.देवास जिले की हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गाजनोद खेड़ा में यह प्राइमरी स्कूल है. वैसे भी तमाम तरह की सुविधाओं के अभाव इस स्कूल में देखा जा सकता है. यहां बच्चों को और भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यहां स्कूल तो है लेकिन जर्जर स्थिति में है.

टूटे-फूटे टीन की चादरों से पानी टपकता है. किचन शेड में मवेशियों को बांधा जाता है तो शौचालय पूरी तरह चोक है.आसपास गंदगी का अंबार है. ऐसे में इन नौनिहालों का उज्ज्वल भविष्य अधर में दिखाई दे रहा है. इस डिजिटल इंडिया के दौर में भला क्यों बच्चो को कोई सुविधाए नही मिल रही है. अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर हाटपिपल्या विधानसभा के भाजपा के विधायक और राज्य शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के गृह क्षेत्र में अगर यह आलम है तो बाकी जगह क्या स्थिति होगी. अब देखने वाली बात यह होगी कि इन बच्चों को कोई जमीनी स्तर पर शिक्षा और सुविधा मिलेगी या फिर कागजों पर यह सिलसिला ऐसा चलता रहेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज