MP By elections: कभी होते थे चुनावी सारथी, अब है सीधा मुकाबला, दिलचस्प हुआ यहां का दंगल

बदनावर सीट पर बदले हुए सियासी समीकरण में बीजेपी कमजोर पड़ती दिखाई पड़ रही है.
बदनावर सीट पर बदले हुए सियासी समीकरण में बीजेपी कमजोर पड़ती दिखाई पड़ रही है.

MP By elections: बदनावर सीट पर बीजेपी से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव चुनावी मैदान में हैं, तो कांग्रेस से उन्हीं के करीबी कमल सिंह पटेल उनके सामने मुकाबले में डटे हुए हैं. कमल कभी राजवर्धन के चुनावी सारथी हुआ करते थे.

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धार. जैसे-जैसे एमपी उपचुनाव (MP By elections) की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे सीटों पर तेजी से चुनावी समीकरण भी बदलते दिखाई दे रहे हैं. कुछ प्रत्याशियों की जमीन मजबूत हो रही है, तो कुछ प्रत्याशियों के मुगालते भी दूर होते दिखाई दे रहे हैं. इसलिये अब वे बड़े नेताओं की जनसभा करवाकर मतदाताओं को रिझाने में लगे हुए हैं.

धार जिले की बदनावर विधानसभा सीट (Badnawar Assembly Seat) पर उपचुनाव दिलचस्प रूप लेता जा रहा है. पहले कांग्रेस ने यहां अभिषेक सिंह टिंकू पर विश्वास जताते हुए टिकट दिया था. लेकिन उनका विरोध होता देख पार्टी ने कमल सिंह पटेल को मैदान में उतार दिया है. अब वे चुनावी मैदान में जमकर डटे हुए हैं.

चुनावी सारथी से सीधा मुकाबला 



कमल सिंह पटेल वही नेता हैं, जो कभी राजवर्धन सिंह के साथ उनकी चुनावी बागडोर संभालते थे. लेकिन अब हालात कुछ अलग है. एक ओर बीजेपी से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव चुनावी मैदान में हैं, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से उन्हीं के करीबी कमल सिंह पटेल उनके सामने चुनावी मैदान में डटे हुए हैं.


कमल सिंह पटेल बदनावर के ग्राम कानवन के निवासी हैं और कानवन और इसके आसपास के इलाकों में उनकी मजबूत पकड़ है. बीजेपी प्रत्याशी राजवर्धन सिंह दत्तीगांव इस क्षेत्र में पहले ही जनसंपर्क कर चुके थे, लेकिन फिर सीएम शिवराज सिंह चौहान को कानवन आना पडा. शिवराज सिंह चौहान की जनसभा तो बदनावर में होना चाहिये थी, लेकिन कानवन में रखी गई. जिससे साफ जाहिर होता है कि इस बेल्ट में बीजेपी अपने आप को कमजोर महसूस कर रही थी.

हालांकि इस मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसा नहीं है. लेकिन उनके मन की बात तो उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही है. उधर कांग्रेस मान रही है कि कांग्रेस प्रत्याशी कमलसिंह पटेल की पूरे क्षेत्र में पकड़ मजबूत है.

कांग्रेस प्रवक्ता दीपेन्द्र ठाकुर ने बताया कि कमल सिंह पटेल जमीन से जुड़े नेता हैं. उनको जो जनाधार मिल रहा है उससे बीजेपी घबरा रही है. यही वजह है कि छोटे-छोटे कस्बों में बीजेपी के बड़े नेता जनसभाएं कर मतदाताओं को रिझाने में जुटे हैं.
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