अपना शहर चुनें

States

डिंडौरी के जिला अस्पताल में सिर्फ 6 घंटे में कर दिए 125 नसबंदी ऑपरेशन

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल में रविवार को एक महिला सर्जन ने सिर्फ 6 घंटे में 125 नसंबदी ऑपरेशन कर डाली, जबकि देखा जाए तो नियमानुसार एक सर्जन को एक दिन में अधिक से अधिक 35 ऑपरेशन करने चाहिए। यही नहीं जल्दीबाजी में ऑपरेशन कर सभी महिलाओं को घर भी भेज दिया गया। मिली सूचना के अनुसार डिंडौरी विकासखंड अंतर्गत रविवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था।
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल में रविवार को एक महिला सर्जन ने सिर्फ 6 घंटे में 125 नसंबदी ऑपरेशन कर डाली, जबकि देखा जाए तो नियमानुसार एक सर्जन को एक दिन में अधिक से अधिक 35 ऑपरेशन करने चाहिए। यही नहीं जल्दीबाजी में ऑपरेशन कर सभी महिलाओं को घर भी भेज दिया गया। मिली सूचना के अनुसार डिंडौरी विकासखंड अंतर्गत रविवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था।

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल में रविवार को एक महिला सर्जन ने सिर्फ 6 घंटे में 125 नसंबदी ऑपरेशन कर डाली, जबकि देखा जाए तो नियमानुसार एक सर्जन को एक दिन में अधिक से अधिक 35 ऑपरेशन करने चाहिए। यही नहीं जल्दीबाजी में ऑपरेशन कर सभी महिलाओं को घर भी भेज दिया गया। मिली सूचना के अनुसार डिंडौरी विकासखंड अंतर्गत रविवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था।

  • Agencies
  • Last Updated: December 8, 2014, 5:03 PM IST
  • Share this:
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल में रविवार को एक महिला सर्जन ने सिर्फ 6 घंटे में 125 नसंबदी ऑपरेशन कर डाली, जबकि देखा जाए तो नियमानुसार एक सर्जन को एक दिन में अधिक से अधिक 35 ऑपरेशन करने चाहिए। यही नहीं जल्दीबाजी में ऑपरेशन कर सभी महिलाओं को घर भी भेज दिया गया। मिली सूचना के अनुसार डिंडौरी विकासखंड अंतर्गत रविवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था।

जहां, दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से नसबंदी के लिए महिलाएं परिजनों व बच्चों के साथ सुबह से अस्पताल पहुंचने लगी थीं। दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद ही नसबंदी शुरू हुई। प्रति 3 मिनट से भी कम समय में नसबंदी करना कई सवाल खड़ा कर रहा है। ऑपरेशन के लिए जबलपुर से सर्जन के दोपहर साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचने की बात शिविर के आयोजक बता रहें है, लेकिन परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन दोपहर तीन बजे से प्रारंभ हुए।

यदि दोपहर साढ़े 12 बजे से ऑपरेशन किए जाने की बात मान भी ली जाए तो इस हिसाब से प्रति तीन मिनट में एक ऑपरेशन किया गया। इस तरह छह घंटे में 125 ऑपरेशन किए गए जो एक रिकार्ड के तौर पर सामने आ रहा है। इतनी तेजी से किए गए ऑपरेशन में स्वच्छता का ध्यान कैसे रखा गया होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ऑपरेशन के बाद महिलाओं को अस्पताल के प्रथम तल में ही बरामदे में दरी व गद्दे बिछाकर आराम के लिए रखा गया।



इस स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं थी। शाम पांच बजे अंधेरे में ऑपरेशन थियेटर से महिलाओं को स्ट्रेचर के जरिए बरामदे तक पहुंचाया गया। इस दौरान महिलाओं के साथ आए परिजन व बच्चे भी वहां मौजूद रहे। इसके अलावा एसएनसीयू, मेटरनिटी वार्ड में मरीजों से मिलने वाले परिजन भी इसी रास्ते से होकर आते जाते नजर आए।
वहीं, विक्रमपुर के बीएमओ डॉ. आरपी बरकड़े ने कहा कि दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद से नसबंदी ऑपरेशन शुरू हुए थे। शाम तक कुल 125 ऑपरेशन किए गए हैं। जबलपुर से आईं सर्जन के साथ हम लोगों ने भी कुछ सहयोग किया है। आगे यह प्रयास किया जाएगा कि एक दिन में कम ही नसबंदी की जाएं।

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज