अपना शहर चुनें

States

जान की बाजी लगाकर उफनती नर्मदा नदी को पार कर पढ़ने जाते है बच्चें, देखिए VIDEO

एक तरफ आज पूरा देश चंद्रयान 2 के सफल प्रक्षेपण पर जश्न मना रहा है वहीं देश में आज भी ऐसे कई पिछड़े इलाके हैं जहां तालीम हासिल करने बच्चों को जान की बाजी लगानी पड़ती है.

  • Share this:
मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडौरी में तालीम हासिल करने के लिये स्कूली छात्रों को जान की बाजी लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है. गांव से स्कूल तक पहुंचने के लिये जान जोखिम में डालकर छात्र लकड़ी के डोंगी में बैठकर उफनते नर्मदा नदी को पार करते हैं. इलाके के गरीब आदिवासी छात्रों में पढ़ने की ललक और इरादे इस कदर मजबूत है कि स्कूल पहुंचने के लिये वो किसी भी हद तक जाने के लिये तैयार हैं.  छात्र खुद डोंगी लेकर उफनती नर्मदा नदी में उतर जाते हैं और लहरों से जद्दोजहद कर जैसे तैसे रोज स्कूल पहुंचते हैं. हैरत की बात तो यह है कि डोंगी में सवार कुछ छात्रों को तैरना भी नहीं आता है बावजूद इसके छात्र रोज स्कूल जाते हैं.

हादसे का इंतज़ार , Waiting for the accident
लकड़ी की डोंगी में बैठकर उफनती नर्मदा नदी को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं छात्र


केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने गोद लिया है गांव



उफनती नर्मदा नदी को पार कर जिस कापा गांव के स्कूल में बच्चे पढ़ने जाते हैं उस कापा गांव को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत मंडला सांसद व केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने गोद लिया है. डिंडौरी जिले के मेंहदवानी विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत खुदरी सहित आसपास के गांव के छात्र रोज जान की बाजी लगाकर मंडला जिले के कापा गांव पढ़ने जाते हैं क्योंकि इलाके में हायर सेकेंडरी स्कूल ही नहीं है. खुदरी गांव में सिर्फ प्राथमिक शाला है लिहाजा पांचवी कक्षा के बाद पढ़ाई के लिये छात्रों को न चाहते हुये भी कापा स्कूल जाना पड़ता है. नर्मदा नदी के एक तट पर जहां डिंडौरी जिले के आधा दर्ज़न गांव हैं तो वहीं दूसरे तट पर मंडला जिले का कापा गांव बसा हुआ है. सामान्य दिनों में लोग आसानी से नर्मदा नदी पार करके कापा पहुँच जाते हैं लेकिन बारिश के मौसम में इलाके के रहवासियों को जान जोखिम में डालकर डोंगी के सहारे उफनते नर्मदा नदी को पार करना पड़ता है. सबसे ज्यादा दिक्कत गांव के उन बच्चों को होती है जिन्हें स्कूल पहुंचने के लिये रोज जान की बाजी लगानी पड़ती है. खुदरी,बालपुर,डोकरघाट,फड़की और सिवनी गांव के वाशिंदे सालों से नर्मदा नदी में पुल बनने एवं गांव में स्कूल खुलने का इंतज़ार कर रहे हैं लेकिन अबतक किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली है. इलाके के लोगों ने सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते पर वादाखिलाफी करने का आरोप भी लगाया है.
हादसे का इंतज़ार , Waiting for the accident
उफनती नर्मदा नदी को पार कर जिस कापा गांव के स्कूल में बच्चे पढ़ने जाते हैं उस कापा गांव को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत मंडला सांसद व केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने गोद लिया है.


प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार

करीब पांच वर्ष पहले इसी जगह पर नर्मदा नदी पार करने के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ गया था जिसके कारण डोंगी में सवार सात ग्रामीण बह गये थे. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी वहीं स्थानीय लोगों की मदद से पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधियों ने यहां पुल बनाने के दावे और वादे किये थे लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ. लगता है प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है.

ये भी पढ़े- सतना में 25 सालों से बरगद के नीचे चल रहा है यह सरकारी स्कूल

ये भी पढ़े- VIDEO: नौनिहालों से शिक्षिका ने कराई स्कूल के शौचालय की सफाई, वीडियो हो रहा वायरल

 

 

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज