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डिंडोरी में डेंगू का डंक, इलाज के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहे मरीज़

निजी अस्पताल में इलाज करा रहे नगर पंचायत के अध्यक्ष पंकज तेकाम
निजी अस्पताल में इलाज करा रहे नगर पंचायत के अध्यक्ष पंकज तेकाम

डिंडोरी (Dindori) में डेंगू (Deugue) से हड़कंप मचा हुआ है. नगर पंचायत अध्यक्ष पंकज तेकाम समेत 5 मरीज़ों में डेंगू पॉज़िटिव (Dengue positive) पाया गया है. ज़िला अस्पताल (District Hospital) केवल मरीज़ों को रिफर कर अपनी औपचारिकता पूर्ण कर रहा है.

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डिंडोरी. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के डिंडोरी जिले में लगातार डेंगू (Dengue) के मरीजों की पहचान होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. नगर पंचायत के अध्यक्ष पंकज तेकाम सहित जिले से अबतक 5 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाये गये हैं लेकिन जिला अस्पताल में डेंगू के इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अपना उपचार निजी अस्पतालों (Private Hospitals) में करवाना पड़ रहा है. हालांकि सिविल सर्जन (Civil surgeon) के मुताबिक डेंगू की जांच के लिये आवश्यक मशीनें जिला अस्पताल में हैं, लेकिन उसके बाद भी मरीज़ों को दूसरे अस्पतालों में रिफर करने का कारण समझ से परे हैं.

डेंगू मरीज़ों के लिए अलग वार्ड नहीं
सिविल सर्जन डॉक्टर बी पी कोले की मानें तो डेंगू की जांच के लिये सभी मशीनें जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि तकनीकी खामियों के कारण वे बेशकीमती मशीनें सिर्फ दिखावा साबित हो रही है. दरअसल डिंडोरी जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिये अलग से वार्ड का इंतज़ाम तक नहीं है, ऐसे में जांच के बाद डेंगू के मरीजों को रेफर कर अस्पताल प्रबंधन द्धारा अपनी औपचारिकता व जवाबदारी पूरी कर ली जाती है.

News - जिला अस्पताल में डेंगू के इलाज की व्यवस्था न होने के कारण निजी अस्पताल जा रहे मरीज़
जिला अस्पताल में डेंगू के इलाज की व्यवस्था न होने के कारण निजी अस्पताल जा रहे मरीज़

नगर पंचायत अध्यक्ष ने निजी अस्पताल में कराया इलाज़


जब हमने नगर पंचायत के अध्यक्ष पंकज तेकाम से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने डेंगू का उपचार जबलपुर के निजी अस्पताल में कराया है. जिले में लगातार डेंगू के मरीजों की पहचान होने के बाद वो जागरुकता अभियान चलाने की बात कर रहे हैं. वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि जिला अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए दो महीने पहले ही जरुरी मशीनें लाई गई हैं, साथ ही डॉक्टरों और टेक्नीशियनों को भी हिदायत दी गई है कि सर्दी खांसी के अलावा डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जांच अनिवार्य रूप से की जाये.

केंद्रीय मंत्री का संसदीय क्षेत्र
गौरतलब है कि आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम का गृह जिला होने के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का संसदीय क्षेत्र भी है, लेकिन जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा है. जिले में ज्यादातर एसटी एससी वर्ग के लोग निवास करते हैं, जिन्हें मामूली उपचार के लिए भी पैसे खर्चकर महानगरों की ओर रुख करना पड़ता है.

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