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कहां हुआ आदिवासियों का विकास?, 2876 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं कर पाई पिछली सरकार

News18 Madhya Pradesh
Updated: January 27, 2019, 12:53 PM IST

प्रदेश की 21 एसटी और 15 फीसदी एससी वर्ग को साधने पार्टियां बातें तो बड़ी करती हैं, लेकिन हकीकत की ज़मीन पर हालात कुछ और ही है. ताजा आंकड़े बताते हैं कि पिछली सरकार जो कि खुद को ट्राइबल हितैषी बताती थी, वो उनके विकास के लिए आवंटित राशि तक पूरी नहीं खर्च कर पाई.

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कहने को तो सरकारें एससी-एसटी वर्ग के लोगों के नाम पर तमाम योजनाओं को बनाने का दावा करती हैं, लेकिन उन योजनाओं के लिए आवंटित होने वाले बजट की हकीकत क्या है ये आज न्यूज18 आपको बताने जा रहा है. क्या आपको यकीन होगा कि जिस मध्यप्रदेश में एससी-एसटी वर्ग के लोगों के नाम पर सबसे ज्यादा राजनीति होती है, वहां की सरकार इस वर्ग के लोगों के लिए बनी योजनाओं की पूरी राशि ही खर्च नहीं कर पाई. वित्तिय वर्ष खत्म होने में 2 महीने का ही वक्त बचा है और मध्यप्रदेश सरकार 27 हजार करोड़ से ज्यादा राशि खर्च ही नहीं कर पायी.

प्रदेश की 21 एसटी और 15 फीसदी एससी वर्ग को साधने पार्टियां बातें तो बड़ी करती हैं, लेकिन हकीकत की ज़मीन पर हालात कुछ और ही है. ताजा आंकड़े बताते हैं कि पिछली सरकार जो कि खुद को ट्राइबल हितैषी बताती थी, वो उनके विकास के लिए आवंटित राशि तक पूरी नहीं खर्च कर पाई. अब इसे अफसरों की लापरवाही कहें या भाजपा सरकार की मंशा लेकिन करीब 2786 करोड़ राशि ऐसी रही जो खर्च नहीं हो पाई. अन्य विभागों की तरह ही वन विभाग भी इसमें फिसड्डी ही साबित हुआ. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को आदिवासियों के गांव में बिजली, पानी और सड़क की व्यवस्था करने के लिए करीब 507 करोड़ आवंटित किेए गये थे, जिसमें वन विभाग सिर्फ 35 करोड़ ही खर्च कर पाया.

सरकार के विभिन्न विभागों का आदिवासी जनजातियों पर किया गया कुल खर्च का ब्योरा दिया गया है. इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है.





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विभाग आवंटित राशिखर्च  की गई राशि
स्कूल शिक्षा 2116 करोड़ रुपये 928 करोड़ रुपये
खाद्यान विभाग 93.3 करोड़ 62.83 करोड़
आदिवासी कल्याण विभाग 3096 करोड़ 2775 करोड़
तकनीकी शिक्षा 178 करोड़ 22.51 करोड़
उच्च शिक्षा 109.49 करोड़ 64.98 करोड़
मत्स्योद्योग 6 करोड़ 2.81 करोड़
आयुष विभाग 78.31 करोड़ 45.68 करोड़
कृषि विभाग 1584 करोड़ 1446 करोड़
सहकारिता 78.61 करोड़ 31.79 करोड़
जल संसाधन 1755 करोड़ 1244 करोड़

मध्यप्रदेश में विभिन्न परियोजनाओं में बजट का 21 फीसदी एसटी और 15 फीसदी एससी वर्ग के विकास के लिए यूं तो आरक्षित रखा जाता है, लेकिन पिछले साल सरकार ने आदिवासी योजना में 16 हजार 180 करोड़ और अनुसूचित जाति उपयोजना में 11 हजार 685 करोड़ रुपये दिए, जिसमें आदिवासियों पर करीब 14 हजार 627 करोड़ रुपये तो एससी-एसटी वर्ग पर 10 हजार 517 करोड़ के करीब राशि खर्च की गई. अब करीब 2786 करोड़ रुपये बचे हैं, जिन्हें खर्च करने के लिए विभाग के पास सिर्फ दो माह है. ये आंकड़े भाजपा के शासनकाल पर सवाल तो खड़े कर रहे हैं वहीं नई सरकार के लिए चुनौती भी बन गए हैं.

(डिंडौरी से विजय तिवारी के साथ सोनिया राणा की रिपोर्ट)

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First published: January 27, 2019, 12:49 PM IST
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