डिंडौरी: यहां कमरे के अंदर भी छाता लगाने के लिए मजबूर हैं नौनिहाल

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों के हाल बद से बदतर होते जा रहे हैं. आंगनवाड़ी केंद्रों में नन्हें मुन्ने बच्चे टपकती छत के नीचे छाता लगाकर पढ़ने को मजबूर हैं.

Vijay tiwari | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 2, 2019, 7:27 PM IST
Vijay tiwari | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 2, 2019, 7:27 PM IST
सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों की शुरुआत नन्हें मुन्नों को पूरक पोषण और स्कूल पूर्व शिक्षा देने के लिए की थी, लेकिन आज इन्हीं आंगनवाड़ी केंद्रों के पास सुरक्षित आंगन ही नहीं हैं. मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों के हाल बद से बदतर होते जा रहे हैं. आंगनवाड़ी केंद्रों में नन्हें मुन्ने बच्चे टपकती छत के नीचे छाता लगाकर पढ़ने को मजबूर हैं.

प्रशासन को हादसे का इंतज़ार 

डिंडौरी जिले के समनापुर विकासखंड के माधोपुर गांव का आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर हाल में है. भवन की छत और दीवारों की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि यह भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है.बावजूद इसके इस जर्जर भवन में आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है. ऐसा लगता है शायद प्रशासन किसी हादसे का इंतज़ार कर रहा है. आंगनवाड़ी के हाल को देखते हुए कुछ परिजनों ने तो बच्चों को केंद्र में भेजना बंद कर दिया है.

500 से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्र भवनविहीन

करंजिया विकासखंड मुख्यालय का किसान पारा आंगनव़ड़ी केंद्र पिछले कई सालों से रैन बसेरा में संचालित हो रहा है. जिले में 500 से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्र भवनविहीन हैं. स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम भी स्थिति से वाकिफ हैं और भरोसा दे रहे हैं स्थिति में जल्द सुधार होगा.
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First published: July 2, 2019, 7:27 PM IST
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