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रात 2 बजे ही कुएं पर आ जाती हैं महिलाएं, सुबह से पहले बाल्टी न भरी तो...! रतजगा कराने लगा जलसंकट

Dindori News: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के गांव में महिलाओं को पीने के पानी के लिए रात 2 बजे से ही कुएं पर लाइन लगानी पड़ती है.

Dindori News: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के गांव में महिलाओं को पीने के पानी के लिए रात 2 बजे से ही कुएं पर लाइन लगानी पड़ती है.

Madhya Pradesh Water Crisis: गर्मी के दस्तक के साथ ही मध्य प्रदेश में जलसंकट की खबरें आने लगी हैं. प्रदेश के डिंडौरी जि ...अधिक पढ़ें

डिंडौरी. गर्मी के दस्तक के साथ ही मप्र के कई गांवों में पानी का संकट शुरू हो गया है. डिंडौरी जिले का डोमदादर गांव शहपुरा विधानसभा क्षेत्र में आता है. इस गांव के लोग पानी के लिए रात को दो बजे से ही कतार में लग जाते हैं. कुएं में पानी कम है और जल्दी खत्म हो जाता है. महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग सभी खाली बर्तन लेकर पानी की आस में कुएं पर ही रतजगा करते हैं. ज्यादातर ग्रामीणों को घंटों इंतज़ार के बाद खाली बर्तन लेकर वापस लौटना पड़ता है क्योंकि कुएं में इतना पानी भी नहीं बचता कि उसमें बाल्टी डूब जाए. कुएं के अंदर पानी की बजाय चट्टान ही चट्टान दिखाई पड़ती है.

डोमदादर गांव में ग्रामीण रात को कुएं के पास कतार लगाकर खड़े हो जाते हैं और अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं. शाम से रात के बीच रिस-रिसकर जो थोड़ा सा पानी कुएं में जमा होता है, उसको भरने ग्रामीणों के बीच होड़ मची रहती है. रात में जो कुएं के पास पहले पहुंच जाता है उसे तो पानी नसीब हो जाता है और बाद में पहुंचने वाले ग्रामीणों को गंदा व मटमैले पानी से प्यास बुझाना पड़ता है.

हैंडपंप से सिर्फ दो-तीन बाल्टी पानी

गांव के स्कूल में एक हैंडपंप है. इससे सिर्फ दो तीन बाल्टी पानी ही निकलता है. ग्रामीणों का कहना है की उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर कलेक्टर, मंत्री तक पानी की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की लेकिन अबतक समस्या का समाधान नहीं हो पाया. क्षेत्र के सांसद व पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते इस मामले में बात करने पर बचना चाहते हैं. हालांकि शहपुरा एसडीएम काजल जावला का कहना है कि जल्द ही समस्या का निराकरण कराया जाएगा.

कहीं चक्काजाम, तो कहीं घेराव

डिंडौरी जिले में गर्मी के शुरुआत में ही जलसंकट को लेकर ग्रामीणों ने कहीं चक्काजाम किया तो कहीं ग्रामीणों को खाली बर्तन लेकर सरकारी दफ्तरों का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा है. बावजूद इसके जल ही जीवन है का नारा अलापने वाला पीएचई विभाग का अमला और जिला प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.

सरकार ने चला रखा है अभियान

मप्र में राज्य सरकार हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत काम कर रही है. हाल ही में विधानसभा में प्रस्तुत किए गए बजट में भी इसका उल्लेख खास तौर से किया गया. राज्य का बुरहानपुर पहला ऐसा जिला है जहां हर घर में नल से पानी पहुंचता है. ऐसी ही सुविधा की दरकार डिंडौरी के जलसंकट से जूझने वाले ग्रामीणों को भी है.

Tags: Drinking water crisis, MP News big news

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