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पर्यावरण संरक्षण: 4 महीने में 500 पौधे लगाकर मिसाल बनी 'पृथ्वी सेना', ये है खासियत

Vijay tiwari | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 13, 2019, 8:16 PM IST
पर्यावरण संरक्षण: 4 महीने में 500 पौधे लगाकर मिसाल बनी 'पृथ्वी सेना', ये है खासियत
पृथ्वी सेना ने चार महीने में लगाए 500 पीपल-बरगद के पौधे.

मध्‍य प्रदेश के डिंडौरी जिले (Dindori District) के चांदपुर गांव में स्‍कूली बच्‍चों और युवाओं ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए 'पृथ्वी सेना' (Prithvi Sena) बनाई है. पिछले चार महीने में यह सेना 500 पीपल-बरगद के पौधे लगाने के अलावा तमाम पौधों को जीवन दे चुकी है. जबकि शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) के मौके पर इस सेना ने जागरूकता रैली निकाल कर पर्यावरण का संदेश दिया.

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डिंडौरी. मध्‍य प्रदेश के डिंडौरी जिले (Dindori District) में शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) के अवसर पर पृथ्वी सेना ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों से पर्यावरण संरक्षण करने की अपील की है. लगातार पेड़ों की कटाई के कारण हो रहे पर्यावरण प्रदूषण (Environmental Pollution) एवं दुष्प्रभावों को बैनर एवं पोस्टर के जरिये लोगों को समझाने की कोशिश की गई, जिसमें छोटे छोटे बच्चों एवं युवाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. हैरत की बात यह है कि वन विभाग (Forest Department) के अधिकारी और कर्मचारी बुलाने के बाद भी इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे. हालांकि शिक्षक संघ के पदाधिकारी पृथ्वी सेना के इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उनकी इस अभिनव पहल को जिले के सभी स्कूलों में लागू कराने की बात कही.

पर्यावरण संरक्षण को लेकर है ऐसी दीवानगी
मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले के एक छोटे से गांव चांदपुर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर दीवानगी देखते ही बनती है. गांव को हरा भरा रखने के लिए छोटे छोटे स्कूली बच्चे और युवाओं ने मिलकर एक टीम बनाई है जिसे उन्होंने पृथ्वी सेना का नाम दिया है. पृथ्वी सेना प्रत्येक रविवार को अलसुबह पूरे गांव के हरे भरे पौधों को पानी देने के साथ उसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम करती है. पौधों के संरक्षण के साथ-साथ पृथ्वी सैनिक प्रत्येक रविवार को पीपल और बरगद के पौधे लगाती है और उनको सुरक्षित रखने पत्थरों व लकड़ियों का ट्री गार्ड भी बनाती हैं.

आपको बता दें कि जिले के चांदपुर गांव में गर्मी के दिनों में भीषण जलसंकट के हालात बन जाते हैं. इस गंभीर समस्या को देख गांव के बच्चे और युवा पर्यावरण संरक्षण करने लामबंद हुए और पृथ्वी सेना गठित कर पूरी सिद्दत के साथ संसाधनों के बिना भी वे अपनी मुहिम जारी रखे हुए हैं.

चांदपुर गांव में गर्मी के दिनों में भीषण जलसंकट के हालात बन जाते हैं.


4 महीने में किया ये काम
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गांव में करीब 4 महीने पहले इस पृथ्वी सेना का गठन हुआ था और इतने कम समय में उनके द्वारा हजारों हरे भरे लावारिस पौधों को न सिर्फ पानी देकर बचाया गया, बल्कि अपने हाथों से ट्री गार्ड बनाकर उन्हें सुरक्षित किया गया. इसके अलावा पृथ्वी सेना ने अब तक करीब 500 पीपल और बरगद के पौधे लगाए हैं. पृथ्वी सेना में फिलहाल 50 लोग शामिल हैं,जिसमें ज्यादातर स्कूली बच्चे और युवा हैं.
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प्रत्येक रविवार को सुबह से ये पृथ्वी सैनिक हाथ में साबल और कुदाल लेकर घर से निकल जाते हैं और देर शाम तक पौधों को पानी, खरपतवार उखाड़ने से लेकर ट्री गार्ड आदि काम कर वापस अपने घर लौटते हैं. पर्यावरण को लेकर पृथ्वी सेना बेहद जागरूक है और स्‍कूली छात्र ना सिर्फ अपने लिए बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर पर्यावरण उपलब्‍ध कराने के लिए प्रयासरत हैं.

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First published: October 13, 2019, 8:05 PM IST
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