सावेर उपचुनाव में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्टाफ की लगाई ड्यूटी, फाइनल ईयर के रिजल्ट पर पड़ेगा ये प्रभाव

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में एडमिशान की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर है.
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में एडमिशान की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर है.

सावेर विधानसभा उपचुनाव (Saver Assembly By-election) में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (Devi Ahilya University) के स्टाफ की ड्यूटी लगाने से एडमिशन (Admission) समय पर नहीं हो पाएगा और फाइनल ईयर के रिजल्ट (Result) में भी देरी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 1:11 PM IST
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इंदौर. सावेर विधानसभा उपचुनाव (Saver Assembly By-election) में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (Devi Ahilya University) के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसका असर विश्वविद्यालय के फाइनल ईयर के रिजल्ट में पड़ेगा. कर्मचारियों की कमी और समय पर काम पूरा नहीं होने से फाइनल ईयर के रिजल्ट(Final year results) आने में देरी हो सकती है.

वहीं एडमिशन के लिए 29 अक्टूबर तक फार्म जमा करने का समय दिया गया है, 24, 25 और 26 अक्टूबर को छुट्टी है. इसके बाद वहीं 29 अक्टूबर को ऑनलाइन एडमिशन फीस जमा करने की आखिरी तारीख है. ऐसे में छात्रों के पास 2 दिन शेष बचे हैं. बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन ऑनलाइन एडमिशन के लिए समय बढ़ाएगा या नहीं इस पर अभी भी संशय बरकरार है.

उपचुनाव में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का प्रशिक्षण जारी है तो वहीं ओपन परीक्षा के जरिए बीए बीकॉम बीएससी के छात्रों का रिजल्ट एक सप्ताह में जारी करना है. ऐसे में हालात को देखते हुए काम संभव नहीं लग रहा है. कर्मचारियों के नहीं होने से परीक्षा परिणाम को समय पर तैयार करना मुश्किल है, जिसके चलते रिजल्ट आने में देरी सकती है. कुल मिलाकर कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी का असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है.



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मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के लिए वोटिंग एक ही चरण में तीन नवंबर को होगा. इस चुनाव के परिणाम 10 नवंबर को जाएंगे. सावेर विधानसभा के लिए होने जा रहे उपचुनाव में भी तीन तारीख को मतदान होगा. इसके लिए विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की ड्यूटी एक दिन पहले से वोटिंग के एक दिन बाद तक होगी. ऐसे में विश्वविद्यालय काम काज बहुत प्रभावित होगा. इस चुनाव के कारण छात्रों को निजी जिंदगी में समस्याएं उठानी पड सकती है.

बता दें कि मध्य प्रदेश की 27 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में इस बार कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों की साख दांव पर है. दोनों ही पार्टियां इस चुनाव में अपनी साख बचाने का प्रयास कर रही हैं. इसीलिए इन उपचुनावों में धन भी खूब खर्च किया जा रहा है.
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