नकली रेमडेसिविर रैकेट: मोखा की पत्नी और स्टाफ मेंबर के पास मिले वॉइल, जमीन पर नष्ट किए इंजेक्शन

नकली रेमडेसिविर के वॉइल मुख्य आरोपी मोखा की पत्नी और स्टाफ मेंबर से मिल गए हैं.

नकली रेमडेसिविर के वॉइल मुख्य आरोपी मोखा की पत्नी और स्टाफ मेंबर से मिल गए हैं.

नकली रेमडेसिविर रैकेट: मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा की पत्नी और स्टाफ सोनिया के पास से इंजेक्शन के वॉइल मिले हैं.

  • Last Updated: May 20, 2021, 8:38 AM IST
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जबलपुर. नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन रैकेट को लेकर जबलपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस को तीन आरोपियों से चार नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मिल गए हैं. ये इंजेक्शन आरोपियों ने अपने कब्जे में रखे हुए थे. पुलिस को ये भी पता चल गया है कि रेमडेसिविर नष्ट कहां किए गए.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा की एक जमीन है जो नागरथ चैक स्थित पेट्रोल पंप से लगी हुई है. मोखा ने इसी जमीन पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन नष्ट किए. इसका सबूत पुलिस को मिल गया है. दूसरी ओर मोखा की पत्नी जसमीत मोखा के कब्जे से एक इंजेक्शन वॉइल, अस्पताल की एडमिनिस्ट्रेटर सोनिया खत्री शुक्ला के कब्जे से रेमडेसिविर इंजेक्शन का एक वॉइल और पुलिस रिमांड में लिए गए देवेश चैरसिया के कब्जे से रेमडेसिविर इंजेक्शन के 2 वॉइल जप्त किए गए हैं.

इस आरोपी के माध्यम से दूसरे तक पहुंची रकम

पूछताछ में आरोपी देवेश चैरसिया ने जिस राकेश शर्मा का नाम लिया था, वह दरअसल इंदौर पुलिस के कब्जे में है. शर्मा को ही सपन जैन के माध्यम से 15 लाख रुपए की रकम दी गई थी, जिसने नकली रेमडेसिविर की खेप शहर पहुंचाई थी. अब सिर्फ इस मामले में हरकरण मोखा की तलाश मैं पुलिस लगी हुई है, जो अभी भी पुलिस के कब्जे से बाहर है. पुलिस जल्द इस मामले में और बड़ा खुलासा कर सकती है.
रसूख के कारण अब तक बचा रहा मोखा

नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले का मुख्य आरोपी सिटी हॉस्पिटल का मालिक सरबजीत सिंह मोखा अब तक सरबजीत प्रशासन की मेहरबानी के कारण बचा हुआ था. लेकिन, अब प्रशासन ने उस पर शिकंजा कस दिया है. एमपीआरडीसी की करोड़ों रुपये की 30 हज़ार वर्ग फुट से ज्यादा की जमीन पर तनी अमृत हाइट्स इमारत की जांच अब स्पेशल कोर्ट फास्ट ट्रैक तरीक़े से सुनवाई करेगा. इसी से साथ नियम विरुद्ध तरीके से संचालित पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज की जांच भी शुरू हो गई है.

अरबों रुपये की संपत्ति का मालिक सरबजीत सिंह मोखा पेशे से तो बिल्डर है. लेकिन उसने न जाने कितने गोरखधंधे चला रखे थे. पेट्रोल पंप और अस्पताल सहित न जाने कितने धंधे वो कर रहा था. वो डकैती जैसे मामलों में भी आरोपी है लेकिन सबसे खौफनाक कोरोना मरीज़ों को नकली इंजेक्शन सप्लाई करने का रहा. अब तक जिला प्रशासन और बड़े रसूखदार राजनेताओं के साथ गलबहियां करते हुए नजर आने वाले सरबजीत सिंह मोखा अब प्रशासन के साथ-साथ उन तमाम लोगों के लिए नर पिशाच बन गए हैं.

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