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MP: मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस सरकारी स्कूल में बच्चे कर रहे चपरासी का काम

Pavan Patel | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 15, 2020, 7:59 PM IST
MP: मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस सरकारी स्कूल में बच्चे कर रहे चपरासी का काम
बरगी के इस सरकारी स्कूल के बच्चे शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं

बरगी के सिवनीटोला गांव के सरकारी स्कूल में शौचालय (Toilet) तो है लेकिन पानी (Water) की व्यवस्था नहीं है, यहां पानी पिलाने के लिए चपरासी भी नहीं है लिहाज़ा स्कूल में अतिथियों के आने पर विद्यार्थियों को ही पानी भी पिलाना पड़ता है, कुल मिलाकर स्कूल में अव्यवस्थाओं का अंबार है

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जबलपुर. प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था (Education system) सुधारने के लिए लगातार दावे और वादे कर रही है लेकिन हालात हैं कि सुधरते नहीं. बात हो रही है बरगी विधानसभा के सिवनीटोला गांव के शासकीय स्कूल की, जहां स्वच्छता अभियान (Cleanliness initiative) की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. देखने में सर्वसुविधायुक्त इस स्कूल में टॉयलेट तो बने हैं लेकिन फिर भी बच्चे टॉयलेट में नहीं जाते, इसकी वजह है यहां सफाई न होना और टॉयलेट में पानी का इंतजाम न होना. शासकीय स्कूल में समस्या सिर्फ टॉयलेट तक ही सीमित नहीं है बल्कि यहां और भी अव्यवस्थाएं हैं.

यहां शिक्षकों और अतिथियों को पानी पिलाते हैं बच्चे
स्कूल में पढ़ने वाले छात्र- छात्राएं ही पढ़ाई छोड़कर शिक्षकों एवं अतिथियों को पानी पिलाते हैं. कहने को तो सफाई करना और लोगों को पानी पिलाना अच्छे संस्कार हैं, लेकिन ये संस्कार बच्चों को पढ़ाई छोड़कर सीखने पड़ रहे हैं, जो शिक्षा और स्कूलों की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहे हैं. स्कूल के एक छात्र से जब पूछा गया कि वह टॉयलेट का इस्तेमाल क्यों नहीं करते तो उसने मासूमियत से जवाब दिया कि टॉयलेट गंदे रहते हैं, सफाई नहीं होती. साथ ही अकसर पानी भी नहीं होता है. अब आप समझ सकते हैं कि बच्चे इन स्कूलों में क्या सीख रहे हैं.

7 सालों में नहीं देखा सफाईकर्मी और प्यून

स्कूल में बच्चों द्वारा काम कराने के सवाल पर शिक्षक ने बताया कि वे 2012 से इसी स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं लेकिन आज तक न तो यहां कोई सफाईकर्मी नियुक्त हुआ और न ही किसी चपरासी की व्यवस्था ही की गई है. जिससे सफाई और अन्य कामकाज बच्चों और शिक्षकों के जिम्मे ही रहते हैं.

भाजपा सरकार ने नहीं दिया स्कूलों पर ध्यान
इस स्कूल में हाल ही में बरगी विधायक संजय यादव पहुंचे थे, जिन्होंने सरकारी स्कूलों की दुर्दशा के लिए पूर्व की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया. विधायक का कहना है कि बीते 15 सालों में भाजपा सरकार ने स्कूलों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जिससे हालात बहुत खराब हैं. वहीं गांव के सरपंच और सचिव भी इसके लिए दोषी हैं जो विधायकों मंत्रियों से रंगमंच और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए तो पैसे ले लेते हैं, लेकिन स्कूलों के लिए कभी कोई प्रस्ताव नहीं भेजते.मंत्री बोले गंभीर है समस्या
स्कूलों में बच्चों से काम कराने की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री तक भी पहुंची. उन्होंने भी इसे गलत माना. प्रभारी मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि वे इस समस्या को गंभीरता से लेंगे.

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First published: January 15, 2020, 7:53 PM IST
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