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गुना: कर्ज के बोझ तले किसान ने किया सुसाइड

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

सरकार के कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अब प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है

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मध्य प्रदेश में नई सरकार द्वारा कर्ज माफ़ी के ऐलान के बावजूद भी किसानों की आत्महत्या रुक नहीं रही है. गुना में कर्ज़ के बोझ तले दबे किसान ने आत्महत्या कर ली है. बमोरी थाना क्षेत्र के मनीखेड़ा गांव में किसान नागजी भील ने जहर पीकर जान दे दी. सरकार के कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अब प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. (इसे पढ़ें- मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, 25 शहरों में शीतलहर का प्रकोप)

आदिवासी किसान की मौत के बाद से ही गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. बताया जा रहा है कि मृतक किसान के पास गांव में ही 10 बीघा जमीन थी. जिसे हर साल साहूकारों को किराए पर देकर किसान अपना व परिवार का पेट पालता था. बीते साल भी नागजी ने अपनी ज़मीन प्रमेन्द्र भार्गव नाम के साहूकार को खेती के लिए किराए पर दी थी, लेकिन आरोपी प्रमेन्द्र भार्गव ने मृतक की ज़मीन को बैंक में गिरवी रखवा कर 30 हज़ार रुपये का लोन स्वीकृत करवा लिया था. आरोपी ने बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया और किसान की ज़मीन को गिरवी रखवा दिया.

बैंक का नोटिस जब नागजी के पास पहुंचा तब कहीं जाकर मामले का खुलासा हो सका. नागजी भील ने उक्त मामले की शिकायत बाकायदा शपथ पत्र देकर बमोरी थाने में की लेकिन सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार कर्ज़ के बोझ तले 48 वर्षीय नागजी ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली.



किसान की मौत के बाद जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 15 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई है. प्रदेश की कमलनाथ सरकार जहां किसानों के लिए कर्जमाफी का ऐलान किया है वहीं साहूकारों द्वारा किसानों के नाम पर बैंकों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है.
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