गुना: किसान दंपति के जहर खाने के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, 30 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

गुना में अतिक्रमण खाली करवाने की कारवाई के दौरान दंपति के जहर खाने के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं
गुना में अतिक्रमण खाली करवाने की कारवाई के दौरान दंपति के जहर खाने के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं

गुना (Guna) के किसान दंपति के ज़हर खा लेने के मामले पर उसके बेटे ने कहा कि 'उस दिन 150 के करीब अधिकारी (लोग ) आए थे. मेरे माता-पिता ने उनसे विनती की कि ये फसल काटने के बाद कार्रवाई की जाए पर वो नहीं माने. मजबूर होकर मेरे माता-पिता ने ज़हर खा लिया. ऐसे में वो लोग बोले मरने दो इन्हें.'

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गुना. मध्य प्रदेश के गुना (Guna) जनपद के जगनपुर इलाके में अतिक्रमण खाली करवाने की कारवाई के दौरान दंपति के जहर खाने के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं. जबकि जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. बता दें कि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) के निर्देश पर गुना के एसपी और कलेक्टर का तबादला कर दिया गया था.

कांग्रेस हुई हमलवार
जबकि इस मामले पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने शिवराज सरकार से सवाल किया है कि आखिर किसके कहने पर दलित परिवार पर लाठियां बरसाई गईं थी. उन्‍होंने कहा कि गुना में पुलिस किसके आदेश से गई और किसने दलित समुदाय के लोगों पर लाठियां बरसाने का आदेश दिया था. इसकी भी जांच होनी चाहिए. पूर्व मुख्यमंत्री ने गुना के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ट्रांसफर करने को नाकाफ़ी करार दिया है. वहींं, राहुल गांधी भी इस घटना पर सवाल उठा चुके हैं.







'वो लोग बोले मरने दो इन्हें'
बता दें कि जगनपुर क्षेत्र में एक सरकारी मॉडल कॉलेज (Model Collage) के निर्माण के लिये निर्धारित सरकारी जमीन के अतिक्रमण से निकाले गये एक दलित दंपत्ति (Dalit Family) ने मंगलवार को इस मुहिम के विरोध में कीटनाशक (Pesticide) पी लिया था. जिसके बाद सोशल मीडिया (social media) पर दलित परिवार की पिटाई का वीडियो तेज़ी से वायरल होने लगा और मामले ने सियासी रंग ले लिया. किसान दंपति के जहर खा लेने के मामले पर उसके बेटे ने कहा कि 'उस दिन 150 के करीब अधिकारी (लोग ) आए थे. मेरे माता-पिता ने उनसे विनती की कि ये फसल काटने के बाद कार्रवाई की जाए पर वो नहीं माने. मजबूर होकर मेरे माता-पिता ने ज़हर खा लिया. ऐसे में वो लोग बोले मरने दो इन्हें.' सीएम शिवराज ने घटना के दौरान पुलिस की मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी. अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना पर सरकार की ओर से लिए जा रहे एक्शन के बारे में जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को कैंट थाना इलाके के जगनपुर चक पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. इस दौरान जबर्दस्त हंगामा हो गया. सरकारी टीम के मुताबिक मॉडल कॉलेज के लिए आवंटित 20 बीघा जमीन पर कई वर्षों से अतिक्रमण कर खेती की जा रही थी. उसे हटाने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी, जिसका वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया. पीड़ित किसान और उसकी पत्नी ने खड़ी फसल पर प्रशासन की जेसीबी चलती देख कीटनाशक दवा पी ली. इस पर हंगामा मच गया था. पुलिस ने इसी मामले में FIR भी दर्ज की है. वहीं इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के tweet के बाद सियासत गर्म हो गई पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम शिवराज पर इस मामले में जमकर निशाना साधा और मामले की जांच के लिए पीसीसी टीम को रवाना किया.
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