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बहरूपिए तांत्रिक ने इलाज के नाम पर खराब कर दिया एक पैर

Vikas Dixit | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 16, 2017, 4:36 PM IST
बहरूपिए तांत्रिक ने इलाज के नाम पर खराब कर दिया एक पैर
भले ही दुनिया 21 वीं सदी में कदम रख चुकी हो लेकिन अंधविश्वास के मर्ज की दवा खोज पाना शायद ही किसी के बस की बात हो.

भले ही दुनिया 21 वीं सदी में कदम रख चुकी हो लेकिन अंधविश्वास के मर्ज की दवा खोज पाना शायद ही किसी के बस की बात हो.

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भले ही दुनिया 21 वीं सदी में कदम रख चुकी हो लेकिन अंधविश्वास के मर्ज की दवा खोज पाना शायद ही किसी के बस की बात हो.

ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के गुना जिले के मकसूदनगढ़ तहसील के उदयपुर गाँव में देखने को मिला है, जहां अंधविश्वास के नाम पर तांत्रिक आए दिन लोगों की ज़िन्दगियों से खिलवाड़ करते नज़र आ जाते हैं.
नीम हकीम ख़तरा ए जान इस जुमले को हम आदिकाल से सुनते भी आ रहे हैं और देखते भी आ रहे हैं.

उदयपुर गाँव में भी 'चेंचुआ' प्रथा के नाम पर 40 वर्षीय रमेश की ज़िन्दगी हाशिए पर आ गई है. दरअसल 40 वर्षीय रमेश अपने पैर की नसों में दर्द की परेशानी से काफी समय ससे जूझ रहा था, जिससे निजात पाने के लिए कुछ मिलने वालों ने उसे तांत्रिक से झाड़फूंक करवाने की सलाह दी. बस फिर क्या था, परेशान रमेश ने तांत्रिक की शरण लेते हुए अपने पैरों का इलाज शुरू करवाया.

तांत्रिक ने भी अपने चिकित्सकीय अंदाज़ में रमेश के मर्ज को पकड़ते हुए उसके पैरों को चेंचुआ से दाग दिया. लेकिन चेंचुआ लगते ही रमेश की हालत और भी ज्यादा बिगड़ने लगी और उसका पाँव बुरी तरह से संक्रमित भी हो गया.

जब रमेश की स्थिति बिगड़ने लगी तो उसने मकसूदनगढ़ के सरकारी चिकित्सक मुकेश शर्मा को अपनी बीमारी के बारे में बताया. डॉक्टर ने रमेश को तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती करवाते हुए इलाज शुरू करवाया.

अपने साथ घटी इस घटना से सबक ले चुके रमेश का कहना है की वो बहरूपिया तांत्रिक की शिकायत पुलिस से करेगा. अंधविश्वास की इस प्रथा से ऐसे कई लोग आज भी प्रभावित हैं जो तांत्रिकों के मायाजाल में फंसकर अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं, लेकिन जब तक अन्धविश्वास है झाड़फूंक करने वाले इन तांत्रिकों की दुकानदारी बदस्तूर जारी रहेगी.

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First published: August 16, 2017, 4:36 PM IST
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