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राजगढ़: नहीं मिले बिजली कनेक्शन फिर भी सौभाग्य योजना में बना नंबर वन

News18 Himachal Pradesh
Updated: September 27, 2018, 10:58 AM IST
राजगढ़: नहीं मिले बिजली कनेक्शन फिर भी सौभाग्य योजना में बना नंबर वन
सौभाग्य योजना

गांवों के हालात यह कि बिजली के खंभों से तार विद्युत वितरण सिस्टम से जोड़े ही नहीं गये और आधे अधुरे काम कर छोड़ दिया गया. हालात यह है कि गांव में बिजली नहीं मिलने की वजह से खुद ग्रामीण ही डीपी से डाइरेक्ट तार जोड़ कर घरों में सुबह-शाम बिजली की व्यवस्था करते हैं.

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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला सौभाग्य योजना के तहत एलईडी बल्ब वितरण में पहले स्थान पर आया है, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है. इस योजना के तहत गांवों में घर-घर बिजली व एलईडी बल्ब लगाकर घरों को रोशन करना था, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से गरीबों के घर में नहीं सिर्फ कागजों में ही उजाला हुआ है. ग्रामीणों की माने तो जब दो माह पहले खारपा गांव में दिल्ली की टीम पहुंची तो अधिकारी से गांवों में बिजली कनेक्शन नहीं मिलने का सवाल किया था. इस पर अधिकारी ने दो से तीन दिन में बिजली कनेक्शन देने और बल्ब लगाने का वादा किया, जो कि आज तक पूरा नहीं किया जा सका.

मामले को लेकर न्यूज18 की टीम राजगढ़ जिले के जीरापुर तहसील के खारपा गांव पहुंची तो घरों पर सिर्फ सौभाग्य योजना और एलईडी बल्ब वितरण के बोर्ड लगे मिले. इन घरों में न बिजली का कनेक्शन था और न ही बल्ब लगे हुए थे. यहां तक की कनेक्शन जोड़ने वाले तार को भी खंभे पर लेजाकर बांध दिया गया है. मामले में ठेकेदारों व अधिकारियों की मिलीभगत से आधे अधुरे कार्यों पर भी ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर दिया गया.

गांवों के हालात यह कि बिजली के खंभों से तार विद्युत वितरण सिस्टम से जोड़े ही नहीं गये और आधे अधुरे काम कर छोड़ दिया गया. हालात यह है कि गांव में बिजली नहीं मिलने की वजह से खुद ग्रामीण ही डीपी से डाइरेक्ट तार जोड़ कर घरों में सुबह-शाम बिजली की व्यवस्था करते हैं. ऐसे में बिजली तो मिल जाती है, लेकिन ग्रामीणों की जान हमेशा जोखिम में रहती है. साथ ही बिजली विभाग को भी अत्याधिक छीजत का सामना करना पड़ रहा है.

सिर्फ कागजों में ही काम पूरा देख जिला प्रशासन देश में नंबर एक होने का प्रमाण पत्र ले रहा है. अभी चार दिन पहले ही सात योजनाओं में राजगढ़ जिला देश में प्रथम स्थान पर रहा. ग्रामीण विकास विभाग ने एक से 15 जून तक अभियान चलाया था, जिसमें दिल्ली की टीम की निगरानी के बाद ये नतीजे आये होंगे. अब देखना यह होगा की ये नतीजे बिना योजना के ठीक से लागू होने के बाद भी कैसे आये और इनकी निगरानी कैसे की जा रही है.

(राजगढ़ से मनीष की रिपोर्ट)

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First published: September 27, 2018, 10:58 AM IST
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