लाइव टीवी

ये कैसा ALERT, स्वास्थ्य महकमे और प्रशासन को पता नहीं, कहां हैं चीन से लौटे 11 यात्री?
Gwalior News in Hindi

Sushil Koushik | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 8, 2020, 12:59 PM IST
ये कैसा ALERT, स्वास्थ्य महकमे और प्रशासन को पता नहीं, कहां हैं चीन से लौटे 11 यात्री?
ग्वालियर में लापता हैं कोरोना संदिग्ध

प्रशासन भले ही कोरोना (Corona) को लेकर अलर्ट का दावा करता है, लेकिन स्वास्थ महकमे को ये पता नहीं है कि चीन से लौटकर आए 11 यात्री कहां हैं. जबकि पिछले माह कोरोना संदिग्ध के इलाज में लापरवाही पर प्रशासन ने डॉक्टर के निलंबन के साथ सीएमएचओ को भी हटा दिया था.

  • Share this:
ग्वालियर. चीन के खतरनाक वायरस कोरोना की धमक चीन (China) के साथ ही भारत सहित कई देशों में छाई हुई है. प्रदेश के स्वास्थ मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) ने दावा किया था कि प्रदेश में कोरोना को लेकर स्वास्थ महकमा पूरी तरह से अलर्ट पर है, लेकिन ग्वालियर में चीन से लौटकर आए 11 यात्रियों के बारे में स्वास्थ महकमे को जानकारी तक नहीं है.

'पता नहीं कहां हैं चीन से लौटे 11 लोग'
ग्वालियर के सीएमएचओ डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि उनको अभी ये पता नहीं है कि शहर में जो 11 यात्री चीन से लौटकर आए हैं, वो कहां है. सीएमएचओ का कहना है कि जानकारी मिलने के बाद इन सभी लोगों की जांच के लिए स्वास्थ विभाग की टीम घर जाकर चेकअप करेगी. इन सभी लोगों का दो सप्ताह तक लगातार चेकअप कर मॉनिटरिंग की जाएगी. सीएमएचओ का कहना है कि पिछले महीने चीन से ग्वालियर लौटी मेडिकल छात्रा का गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चेकअप किया जिसमें छात्रा को स्वस्थ्य पाया गया था. सावधानी बतौर छात्रा को घर में ही आइसोलेशन में रखने की सलाह दी गई है.

लापता यात्रियों की खोजबीन शुरु

कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य संचालनालय ने बुधवार को कुल 6 यात्रियों की जानकारी साझा की थी, जिनमें से 5 यात्रियों का चेकअप हो चुका है, वहीं बाद में आए 11 यात्रियों की खोजबीन की जा रही है. शुक्रवार से स्वास्थ विभाग की टीम ने इन 11 यात्रियों की खोजबीन शुरु कर दी है.

कोरोना के लक्षण के बावजूद दर्ज नहीं की थी जानकारी
गौरतलब है कि 30 जनवरी को चीन से लौटे एमबीबीएस छात्र ने मुरार जिला अस्पताल में चेकअप कराया था, उस दौरान ड्यूटी डॉक्टर ने कोरोना के लक्षण का संदेह होने पर छात्र को जयारोग्य अस्पताल जाकर चैकअप कराने की सलाह दी थी, लेकिन डॉक्टर ने इस छात्र की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नही की थी,लापरवाही के लिए सीएमएचओ के खिलाफ कार्रवाई की थी
छात्र ने डॉक्टरों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के चलते दिल्ली में इलाज के लिए संपर्क किया. जब इस मामले की जानकारी प्रशासन को लगी तो कलेक्टर अनुराग चौधरी ने ड्यूटी डॉक्टर को निलंबित कर दिया था, वहीं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. मृदुल सक्सेना और सिविल सर्जन डॉ. वीके गुप्ता को पद से हटा दिया था. लापरवाही के साथ ही सीएमएचओ और सिविल सर्जन पर आरोप था कि दोनों कुल बजट का 50 फीसदी भी उपयोग नहीं कर पाए थे.

ये भी पढ़ें -
मध्य प्रदेश को नये DGP की तलाश, UPSC की सिफारिश ठुकराने के बाद नये सिरे से माथापच्ची
भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पर पकड़ी गयी महिला तस्कर,13 लाख की ड्रग्स ज़ब्त

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए ग्वालियर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 8, 2020, 12:56 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर