ग्वालियर : सीसीटीवी फुटेज में दिखे वर्दीवाले लुटेरे, झांसी के तीन ज्वेलर्स से लूटे थे 60 लाख रुपये

ज्वेलर्स से 60 लाख रुपये लूट में गिरफ्तार (बायें से) सिपाही अभिषेक, विवेक और सत्येंद्र. इनसे बरामद रकम (नीचे)

मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच और जीआरपी ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और वहां से मिले सबूत के आधार पर निलंबित सिपाही सत्येंद्र सहित 5 आरोपियों को दबोच लिया. इनके पास से 27 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए गए हैं.

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ग्वालियर. ग्वालियर क्राइम ब्रांच और जीआरपी ने झांसी के तीन ज्वेलर्स के साथ चलती ट्रेन में हुई 60 लाख रुपये के लूटकांड का खुलासा कर दिया है. लूटकांड की पटकथा ग्वालियर पुलिस के निलंबित सिपाही ने सतेंद्र गुर्जर ने लिखी थी. सतेंद्र ने तीन अन्य सिपाहियों के साथ मिलकर इस लूटकांड को अंजाम दिया था. सभी सिपाही फिल्मी स्टाइल में ट्रेन में चढे़ और खुद को राजस्थान क्राइम ब्रांच की टीम बताकर ज्वेलर्स के 60 लाख की नकदी से भरे बैग छीन लिए. इन सिपाहियों ने ज्वेलर्स को हवाला का रुपये होने की बात कहकर धमकाया. बैग छीनकर सिपाही आगरा के पास ट्रेन से उतर गए. ज्वेलर्स ने ग्वालियर जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराई. क्राइम ब्रांच और जीआरपी ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लूट की कहानी का राज फाश कर दिया और लूट को अंजाम देने वाले चारों सिपाहियों सहित 5 आरोपियों को दबोच लिया. इनके पास से लूट की रकम में से 27 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए गए हैं.

फिल्मी अंदाज में हुई थी लूट

उत्तर प्रदेश के झांसी के रहनेवाले राकेश अग्रवाल ने ग्वालियर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी कि वे अपने साथी सागर अग्रवाल और संजय गुप्ता के साथ दिल्ली से जेवर लाने का काम करते हैं. 17 जून की रात तीनों लोग झांसी से जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे. इनके पास दो बैग में कुल 60 लाख रुपये नकद थे. सभी लोग ट्रेन एस-2 कोच में सवार थे. जब उनकी ट्रेन ग्वालियर से गुजर रही थी, तभी 4 युवक उनके कोच में आए. उन्होंने खुद को राजस्थान क्राइम ब्रांच का सदस्य बताया. चारों युवकों ने तीनों ज्वेलर्स को उनके नाम से बुलाया और धमकाया कि आप हवाला का कारोबार करते हो. हवाला की बात सुनते ही ज्वेलर्स डर गए. चारों युवकों ने ज्वेलर्स के 60 लाख की नकदी से भरे बैग छीन लिए. साथ ही ज्वेलर्स को कहा कि ये रुपये जब्त किए जा रहे हैं, जांच के बाद ही मिलेंगे. आप अगले कोच में आइए कागजी कार्यवाही करनी है.

ज्वेलर्स के पास नकदी के दस्तावेज नहीं थे

दरअसल ज्वेलर्स के पास इतनी नकदी का कोई दस्तावेज नहीं था. लिहाजा डरे-सहमे ज्वेलर्स चुपचाप दिल्ली पहुंचे और फिर झांसी लौट गए. शंका होने पर ज्वेलर्स ने 2 जुलाई को ग्वालियर आकर शिकायत की. जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

60 लाख की लूट होने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ग्वालियर एसपी ने क्राइम ब्रांच को मामले की जांच के लिए कहा. पुलिस ने झांसी, ग्वालियर और डबरा रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज चेक किए. इन फुटेज में ग्वालियर का निलंबित सिपाही सतेंद्र गुर्जर 3 युवकों के साथ नजर आया. इनके पास दोनों बैग भी थे. क्राइम ब्रांच ने सतेंद्र को दबोच लिया और उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बयां कर दी.

निलंबित सिपाही सत्येंद्र ने रची थी साजिश

पुलिस के मुताबिक, ट्रेन में झांसी के ज्वेलर्स को राजस्थान क्राइम ब्रांच बनकर लूटने वाले गिरोह का मास्टर माइंड सतेंद्र ही था. सतेंद्र व्यापमं कांड के चलते पिछले 5 साल से निलंबित चल रहा है. सतेंद्र ने ग्वालियर साइबर पुलिस में तैनात सिपाही अभिषेक तिवारी, विवेक पाठक और आरपीएफ सिपाही योगेन्द्र के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था. ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने चारों सिपाहियों और एक मददगार को गिरफ्तार कर लिया है.

ज्वेलर्स के पुराने ड्राइवर ने पुलिसवाले को दी थी जानकारी

लूट को अंजाम देने वाले सिपाहियों को झांसी के एक ड्राइवर ने पूरी जानकारी दी थी. दरअसल, यह ड्राइवर ज्वेलर्स के यहां नौकरी करता था, लेकिन लापरवाही बरतने के आरोप में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. इसी ड्राइवर ने ग्वालियर के सिपाही सतेंद्र को बताया था कि ये ज्वेलर्स भारी-भरकम नकदी लेकर दिल्ली जाते हैं, लिहाजा इनको जेल भिजवाना चाहिए. ड्राइवर ने सिपाहियों को ज्वेलर्स के फोटो सहित तमाम जानकारियां दी थीं, इसी आधार पर सिपाहियों ने वारदात वाली रात तीनों ज्वेलर्स को उनके नाम से पुकारा था.

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