लोकसभा चुनाव 2019 : बस रिजल्ट का इंतज़ार है, उसके बाद चलेगा चाबुक!
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लोकसभा चुनाव 2019 : बस रिजल्ट का इंतज़ार है, उसके बाद चलेगा चाबुक!
सांकेतिक तस्वीर

दोनों दल भितरघातियों से परेशान रहे. लिहाजा ये तय है कि नतीजों के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के भितरघातियों और असहयोग करने वालों पर कार्रवाई का चाबुक चलेगा.

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ग्वालियर लोकसभा सीट पर बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अब भितघातियों के खिलाफ एक्शन मोड में आ गई हैं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपने प्रत्याशियों के खिलाफ भितरघात और खिलाफ काम करने वालों को चिन्हित कर चुकी है.नतीजों के बाद दोनों तरफ के भितरघातियों पर गाज गिराने की तैयारी है.
ग्वालियर लोकसभा चुनाव में इस बार बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां भितरधातियों से परेशान रही हैं. एग्जिट पोल के बाद कांग्रेस में अंतर्कलह के हालात बन गए हैं. कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह को दिग्विजय खेमे का माना जाता है. लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में उतरे अशोक सिंह का इस बार भी सिंधिया गुट और जिला कांग्रेस ने सहयोग नहीं किया.
भितरघात की आशंका के कारण कांग्रेस आला कमान ने पंद्रह दिन पहले से एक विजिलेंस टीम ग्वालियर भेजी थी. टीम ने भितरघात या असहयोग करने वालो का ख़ाका तैयार कर लिया है. विजिलेंस टीम के राडार पर इस बार जो कांग्रेसी थे उनमें सबसे पहला नाम कमलनाथ सरकार में केबिनेट मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर और इमरती देवी का है. उसके बाद ज़िला शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहन सिंह का है. इनके साथ ग्वालियर पूर्व के विधायक मुन्ना लाल, करैरा विधायक-जसवंत जाटव और पोहरी विधायक सुरेश रथखेड़ा का है.

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चुनाव में असहयोग करने वालों की रिपोर्ट, चुनाव नतीजे आते ही आला कमान के पास भोपाल और दिल्ली भेजी जाएगी.कांग्रेस का कहना है पार्टी में विभीषण का रोल अदा करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.



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उधर बीजेपी में भी भितरघात के हालात कमोबेश कांग्रेस की तरह ही रहे. पार्टी प्रत्याशी विवेक शेजवलकर के लिए सिर्फ नरेंद्र सिंह तोमर ही प्रचार करते दिखे. विवेक शेजवलकर के लिए संघ ने मोर्चा संभाला था. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक संघ ने शेजवलकर के लिए प्रचार-प्रसार का जिम्मा निभाया.असंतोष की ख़बर इतनी ज़्यादा थी कि बीजेपी की केंद्रीय टीम ने भी ग्वालियर लोकसभा की निगरानी के लिए अपनी विजिलेंस टीम तैनात कर रखी थी.
बीजेपी प्रत्याशी के लिए भितरघात या असहय़ोग करने वालों में ये नाम सबसे ऊपर थे-
1-अनूप मिश्रा, मुरैना सांसद
2- नारायण सिंह कुशवाहा, पूर्व मंत्री
3- माया सिंह, पूर्व मंत्री
4- देवेश शर्मा, जिला अध्यक्ष
5- अभय चौधरी, पूर्व जीडीए चेयरमेन
6- राकेश जादौन, पूर्व साडा, अध्यक्ष
7- जयसिंह कुशवाहा, पूर्व साडा अध्यक्ष
बीजेपी की विजिलेंस टीम की छानबीन के बाद भितरघातियों की लिस्ट तैयार हो चुकी है.पदाधिकारियों का दावा है कि पार्टी में सेबोटेज करने वाला जितना बड़ा नेता होगा उसके खिलाफ उतनी ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी. बीजेपी के मुताबिक पार्टी से बगावत का मतलब देश के साथ बगावत है. देशद्रोह की तरह है, जल्द ही उन नेताओं पर कार्रवाई होगी.
ग्वालियर लोकसभा सीट पर जहां बीजेपी ने कब्जा बरकरार रखने के लिए कड़ी मशक्कत की है, वहीं कांग्रेस ने इस बार प्रदेश के बेहतर माहौल के लिए ग्वालियर सीट जीतने की उम्मीद लगाई है. लेकिन इस बार दोनों दल भितरघातियों से परेशान रहे. लिहाजा ये तय है कि नतीजों के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के भितरघातियों और असहयोग करने वालों पर कार्रवाई का चाबुक चलेगा.

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