सिंधिया के 'मंत्रियों' के इलाके में हारे दिग्विजय के समर्थक, अब हो रहा है 'हिसाब'
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सिंधिया के 'मंत्रियों' के इलाके में हारे दिग्विजय के समर्थक, अब हो रहा है 'हिसाब'
दिग्विजय सिंह और सिंधिया

कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह को दिग्विजय खेमे का माना जाता है, यही वजह है कि सिंधिया खेमे के मंत्रियों और विधायकों ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के लिए मेहनत नहीं की

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ग्वालिय़र लोकसभा सीट पर कांग्रेस की करारी हार से हाहाकार मचा है. इस सीट के तहत आठ विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के 3 मंत्री और चार विधायक प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन उन सभी के इलाकों में विधानसभा के मुकाबले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है. कैबीनेट मंत्री प्रदुम्न तोमर के विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को 74 हजार और इमरती देवी के इलाके में 38 हजार वोट कम मिले हैं.

ग्वालिय़र लोकसभा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा था, लेकिन जब नतीजे आए तो बीजेपी ने एक तरफा जीत दर्ज की. बीजेपी के विवेक शेजवलकर करीब डेढ़ लाख वोट से जीत गए. कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह की करारी हार हुई.आंकड़ों पर गौर करें तो नवंबर 2018 विधानसभा चुनाव से मई 2019 के लोकसभा चुनाव के छह महीनों के अंतराल में कांग्रेस को लोकसभा क्षेत्र में 2 लाख 80 हजार 778 वोट का नुकसान हुआ है.

विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को आठों विधानसभा क्षेत्रों में 1,33,936 वोट की बढ़त मिली थी. अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस एक लाख 46 हजार 842 वोट से हार गयी. लिहाजा छह महीनों के अंतराल में ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस को 2 लाख 80 हजार 778 वोटों का नुकसान हुआ.



ग्वालिय़र लोकसभा क्षेत्र में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं. इनमें से 7 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है. इनमें तीन कैबिनेट मंत्री भी है, सिर्फ एक सीट बीजेपी के पास है. कांग्रेस के तीनों मंत्री विधानसभा चुनाव 2018 के मुकाबले लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी को वोट दिलाने में नाकाम रहे.
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ग्वालियर विधानसभा- मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर- 21044 वोटों से जीते थे, कांग्रेस 53857 वोट से हारी- 74901 वोटों का घाटा
डबरा विधानसभा सीट- मंत्री इमरती देवी - 57446 वोट से जीती थीं. कांग्रेस को 18780 वोटों की लीड मिली- 38666 वोटों का घाटा
भितरवार विधानसभा- मंत्री लाखन सिंह-12130 वोट से जीते थे, कांग्रेस को सिर्फ 3214 वोट से लीड मिली- 8916 वोट का घाटा,
ग्वालियर द.विधानसभा- विधायक प्रवीण पाठक- 121 वोट से जीते थे, कांग्रेस को 45983 वोट से हार मिली- 46104 वोटों का घाटा
ग्वालियर पू.विधानसभा- विधायक मुन्नालाल गोयल- 17819 वोट से जीते थे, कांग्रेस 39903 वोटों से हारी- 57222 वोटों का घाटा,
ग्वालियर ग्रा.विधानसभा- कांग्रेस के मदन कुशवाहा 1517 वोट से हारे थे,कांग्रेस 6987 वोटों से हार मिली-5470 वोटों का घाटा,
करेरा विधानसभा सीट- विधायक जसवंत सिंह 14800 वोटों से जीते थे, कांग्रेस को 5786 वोट से हार मिली- 20586 वोटों का घाटा,
पोहरी विधानसभा सीट- विधायक सुरेश रथखेड़ा 7918 वोट से जीते थे, कांग्रेस को14797 वोटों से हार मिली-22715 वोट का घाटा

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प्रदुम्न के इलाके में कांग्रेस को विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार 74 हजार वोट कम मिले. विधायक मुन्नालाल गोयल के इलाके में कांग्रेस को 57 हजार तो प्रवीण पाठक के क्षेत्र में 46 हजार वोट का नुकसान हुआ.मंत्री इमरती देवी के इलाके में 38 हजार वोट का घाटा हुआ है. मंत्री लाखन सिंह के इलाके में भी कांग्रेस को 9 हजार वोट का नुकसान हुआ है.

दरअसल कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह को दिग्विजय खेमे का माना जाता है, यही वजह है कि सिंधिया खेमे के मंत्रियों और विधायकों ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के लिए मेहनत नहीं की. पिछले तीन चुनाव में भी कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह की हार के लिए सिंधिया खेमे की भितरघात को वजह बताया गया था. इस बार भी कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह की हार के बाद सिंधिया समर्थकों पर सवाल उठ रहे हैं। हालाकि अशोक सिंह हार के ईवीएम को जिम्मेदार बता रहे है. कांग्रेस के कई पदाधिकारी मोदी लहर को हार की वजह मान रहे हैं.
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