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'हम ग्वालियर को बिहार बनने दें क्या?' जहरीली शराब केस में कांग्रेस नेता के आरोपी बेटे की जमानत खारिज

मध्य प्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट ने जहरीली शराब मामले के आरोपी की जमानत याचिका न सिर्फ खारिज कर दी, बल्कि सख्त टिप्पणी भी की है.

मध्य प्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट ने जहरीली शराब मामले के आरोपी की जमानत याचिका न सिर्फ खारिज कर दी, बल्कि सख्त टिप्पणी भी की है.

Spurious Liquor in MP: शुक्रवार को जब हाईकोर्ट में शैलेंद्र उर्फ बंटी सोलंकी की याचिका की कोर्ट में सुनवाई थी तो तमाम त ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

पनिहार के कांग्रेस नेता के बेटे शैलेंद्र उर्फ बंटी सोलंकी के फार्म हाउस पर छापामार कार्रवाई.
गोदाम से पुलिस ने 1746 लीटर अवैध और देशी शराब बरामद की थी.

सुशील कौशिक

ग्वालियर. मध्य प्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट ने जहरीली शराब मामले के आरोपी की जमानत याचिका न सिर्फ खारिज कर दी, बल्कि सख्त टिप्पणी भी की है. जहरीली शराब के मामले में जेल में बंद शैलेंद्र सोलंकी की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि “बिहार में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो रही है. हम ग्वालियर को भी बिहार बनने दें क्या? इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी. इसके बाद आरोपी अब जेल से बाहर नहीं आ पाएगा.

गौरतलब है कि पिछले साल 20 दिसंबर को कांग्रेस नेता के बेटे शैलेन्द्र के फॉर्म हाउस पर छापा मारी के दौरान पुलिस ने 2 हज़ार लीटर शराब बरामद की थी. FSL जांच रिपोर्ट में शराब जहरीली पाई जाने के बाद पुलिस ने आरोपी की पिछले सप्ताह जेल भेज दिया था.

कांग्रेस नेता के बेटे के फार्म हाउस से बरामद हुई थी जहरीली शराब  

20 दिसंबर 2021 को परिहार पुलिस को शिकायत मिली थी कि इलाके में अवैध और जहरीली शराब का कारोबार हो रहा है. पंचायत चुनाव में खपाने के लिए भारी मात्रा में जहरीली शराब जमा की जा रही है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पनिहार के कांग्रेस नेता के बेटे शैलेंद्र उर्फ बंटी सोलंकी के फार्म हाउस पर छापामार कार्रवाई की थी. इस दौरान पुलिस ने यहां से 1746 लीटर अवैध और देशी शराब बरामद की थी. छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने यहां से भिंड निवासी कुलदीप परिहार और ग्वालियर निवासी अजय रजक को टाटा सफारी में अवैध शराब लोड करते हुए पकड़ा था. पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया था कि शराब का ही पूरा कारोबार कांग्रेस नेता के बंटी उर्फ शैलेंद्र सोलंकी का है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

जांच रिपोर्ट में शराब जहरीली पाई जाने पर आरोपी को भेजा था जेल

जेल में बंद शैलेंद्र को गिरफ्तारी के कुछ दिनों के बाद कोर्ट ने  सशर्त जमानत दे दी थी. ये शर्त थी कि शराब के नमूने अमानक पाए गए तो जमानत स्वतः निरस्त जो जाएगी. जमानत के बाद आरोपी शैलेंद्र उर्फ बंटी सोलंकी को जेल से बाहर आ गया था. कुछ ही दिन पहले शराब के नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है उसमें शराब मानव उपयोग के लिए अनफिट बताई गई है, जिसके बाद इसी 12 दिसंबर को पुलिस ने आरोपी शैलेंद्र उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इसी मामले में जेल जाने के बाद शैलेंद्र की तरफ से हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी.

क्या ग्वालियर को भी बिहार बनने दें- हाईकोर्ट

हाई कोर्ट ने कहा कि जब जांच रिपोर्ट में शराब जहरीली मिली है तो जमानत कैसे दी जाएगी. हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और कहा “ग्वालियर को भी बिहार बनने दें क्या? शुक्रवार को जब हाईकोर्ट में शैलेंद्र उर्फ बंटी सोलंकी की याचिका की कोर्ट में सुनवाई थी तो तमाम तथ्यों और एफएसएल रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने पाया कि बंटी के फार्म हाउस से जो शराब बरामद हुई थी, वह मानव जीवन के लिए घातक है. यही वजह है कि इस जहरीली शराब के चलते जमानत देना मुमकिन नहीं था. याचिकाकर्ता के तरफ से फिर से गुजारिश की गई तो हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी के साथ जमानत याचिका खारिज कर दी.

Tags: Apna bihar, Bihar Liquor Smuggling, Liquor business, Madhya Pradesh government, MP Police, Poisonous liquor case

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