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BJP नेता का अजीब बयान- देवता भी पीते थे शराब, महाभारत के समय बढ़ा दिया गया था उत्पादन

बीजेपी के नेता ने अजीबो-गरीब बयान दिया है. (फाइल फोटो)
बीजेपी के नेता ने अजीबो-गरीब बयान दिया है. (फाइल फोटो)

Gwalior News: मध्य प्रदेश में BJP के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी ने दिया अजीबो-गरीब बयान. इससे पहले उमा भारती ने बीजेपी शासित राज्यों में पूर्ण शराबबंदी की मांग उठाई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2021, 11:33 AM IST
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ग्वालियर. प्रदेश में शराब पर मचे घमासान के बीच BJP के एक नेता का अजीबो-गरीब बयान सामने आया है. BJP के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी इस मामले को महाभारत और मृत्युंजय तक लेकर चले गए. उन्होंने ग्वालियर में कहा- अपने यहां तो देवता भी शराब पीते थे. मैंने खुद मृत्युंजय में पढ़ा है. इसमें लिखा है- जब महाभारत के युद्ध की घोषणा हुई तो आयुध और शराब के उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया था. इसलिए यह सब तो पुरातन काल से चला आ रहा है.

प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार ग्वालियर पहुंचे चतुर्वेदी ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा- शराब शुद्ध मिलना चाहिए और इसे सीमा में पियें. आत्म अनुशासन तो व्यक्ति को खुद बनाना पड़ेगा. क्योंकि यह सब काम पुरातन काल से होते चले आ रहे हैं. बस इसे सही समय सीमा में लेना चाहिए.

माफिया की वजह से नहीं हो पाती शराबबंदी- उमा



मध्य प्रदेश में अवैध शराब (Illegal liquor) के कारोबार को खत्म करने की कोशिशों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने कहा- थोड़े सा राजस्व का लालच और माफिया का दबाव शराबबंदी नहीं होने देता. उन्होंने यह बात हाल ही में सोशल मीडिया पर कही. साथ ही उन्होंने पार्टी के सामने नई मांग भी रख दी है. उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से अपील की है कि उन्हें बीजेपी शासित राज्यों में पूर्ण शराबबंदी करनी चाहिए. उमा भारती ने इस सिलसिले में कई ट्वीट किए.
उमा भारती ने ट्वीट में लिखा है कि मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने के बारे में सरकार ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह वक्तव्य अभिनन्दनीय है. कोरोना काल के लॉक डाउन के समय लगभग शराब बंदी की स्थिति रही. इससे यह स्पष्ट हो गया कि अन्य कारणों एवं कोरोना से लोगों की मृत्यु हुई. किंतु शराब नहीं पीने से कोई नहीं मरा.

शराब पीने से एक्सीडेंट में कई मरे

उमा भारती आगे लिखती हैं,अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई. अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं शराब पीकर गाड़ी चलाने से होती हैं. यह बड़े आश्चर्य की बात है कि शराब मृत्यु का दूत है फिर भी थोड़े से राजस्व का लालच और शराब माफिया का दबाव शराबबंदी नहीं होने देता है.अगर देखा जाए तो सरकारी व्यवस्था ही लोगों को शराब पिलाने का प्रबंध करती है. मैं तो अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से सार्वजनिक रूप से अपील करती हूं कि जहां भी भाजपा की सरकारें हैं उन राज्यों में पूर्ण शराबबंदी की तैयारी कीजिए.
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