MP By-election: ग्वालियर में बीजेपी के प्रद्युम ने कांग्रेस के सुनील शर्मा को हराया, सिंधिया की साख बची

ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फाइल फोटो)
ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फाइल फोटो)

साल 2018 के मुख्य चुनाव के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति (Polytics) में भूचाल लाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के गढ़ में बीजेपी (BJP) को फतह मिली है.

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ग्वालियर. साल 2018 के मुख्य चुनाव के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति (Polytics) में भूचाल लाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के गढ़ में बीजेपी (BJP) को फतह मिली है. उपचुनाव (By-election) 2020 में ग्वालियर (Gwalior) से बीजेपी के प्रत्याशी प्रद्युम सिंह तोमर (Pradyum Singh Tomar) ने जीत हासिल कर ली है. प्रद्युम सिंह ने कांग्रेस के सुनील शर्मा को हराया है. इस सीट को सिंधिया की साख की सीट मानी जा रही थी. साल 2018 के मुख्य चुनाव में प्रद्युम सिंह तोमर को जीत मिली थी, लेकिन तब उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था.

साल 2018 के चुनाव में कुल 2.89 लाख मतदाता इस विधानसभा क्षेत्र में थे. इनमें से 61.51 प्रतिशत ने मतदान किया. जीत का अंतर 21044 वोटों का था. यहां उपचुनाव मुद्दों से ज्यादा व्यक्तिगत और जातिगत तौर पर हुआ. कांग्रेस में तोमर और शर्मा दोनों एक ही सीट से दावेदार रहे हैं. पुरानी प्रतिद्वंद्विता दोनों में पहले से थी.

भाजपा की जीत की वजह
- बीजेपी प्रत्याशी प्रद्युम की छवि जमीनी नेता की है. 2018 में मंत्री बनने के बाद सफाई अभियान चलाया. खुद नालियों में उतरे, सड़कों की सफाई की. इसके अलावा क्षेत्र के लोगों के घरों में जाकर समस्याएं सुनीं और जानी.
- इलाके में गंदे पानी की समस्या, पाइपलाइन की दिक्कत थी. इसे दूर करवाया. पाइपलाइन चेंज करवाया.


- ग्वालियर सीट पर बीजेपी का परंपरागत वोट बैंक के अलावा इनके जातिगत वोटर ठाकुर 55 हजार हैं. इसका लाभ मिला. 2018 में जो भी वादे किए सड़क बनाने के उनमें से कई बन गईं और कुछ बन रही हैं.
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