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 फिर चर्चा में इमरती देवी के बोल, सरकारी जमीन पर कब्जा करने के लिए उकसाया 

ज्योतिरादित्य समर्थक इमरती देवी अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं.

ज्योतिरादित्य समर्थक इमरती देवी अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं.

इमरती देवी गोहिंदा गांव में लगी समाज की एक पंचायत में इमरती भाषण के जरिए SC वर्ग के लोगों को सरकारी जमीन पर कब्जा करने ...अधिक पढ़ें

ग्वालियर. मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री और मौजूदा लघु उद्योग निगम अध्यक्ष इमरती देवी के विवादित बोल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील का है. यहां 96 गांव की महापंचायत लगी हुई थी. पंचायत में एक विवादित भूमि पर बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को लेकर विवाद था. इस दौरान इमरती देवी भरे मंच से सरकारी जमीन पर एक जति विशेष के लोगों (जाटव) को कब्जा करने के लिए उकसाती नजर आयीं. इसके साथ ही पुलिस प्रशासन पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया.

इमरती के बयान पर बीजेपी एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर महापुरुषों की प्रतिमा लगाने का अधिकार नहीं है. वहीं कांग्रेस और क्षत्रिय महासभा ने इमरती देवी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है.

जमीन पर कब्जे के लिए उकसाया 
इमरती देवी गोहिंदा गांव में लगी समाज की एक पंचायत में इमरती भाषण के जरिए SC वर्ग के लोगों को सरकारी जमीन पर कब्जा करने के लिए उकसाती नजर आयीं. उनका एक वीडियो वायरल हुआ है. उसमें वो कह रही हैं कि “सहराई में मैंने खुद जमीन घेरी. खड़े होकर बाबा साहब की मूर्ति लगवाई. 41 लाख रुपए का काम करवाया. इमरती ने आगे कहा कि बिलौआ में खाली जमीन ली थी. लोगों ने पूछा क्या करें. हमने कहा वह जमीन अपनी है, पैसे पकड़ो बाबा साहब की मूर्ति लाओ और रख दो. अब वहां पर सामुदायिक केंद्र भी बन गया है. इमरती ने उकसाते हुए कहा आप सभी लोग बड़ी हिम्मत और ताकत से लड़ो. पुलिस की गाड़ियों से मत डरना, यह तो अपने मारे भागते हैं. यह सुन भी रहे हैं. इनकी एक मुट्ठी है, अपनी तो कई मुट्ठियां हैं. इमरती ने दावा किया कि 3 महीने पहले मुझे मारने के लिए लोग घूम रहे थे. अगर मैं मर जाती, तो 15 दिन तक पेपर में छपती। वैसे मरूंगी तो एक दिन छपूंगी। बाहुबली लोग लगे हुए थे, मेरे पीछे.

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पंचायत में विवादित बयान
ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील में 5 बीघा जमीन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा था. आनन-फानन में निजी जमीन पर बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी गयी थी. प्रशासन हरकत में आया.उस जमीन पर फोर्स तैनात कर दिया. उसके बाद 96 गांव की पंचायत ग्राम गोहिंदा में बुलाई गयी थी. वहां इमरती देवी ने ये बयान दिया. इमरती के बयान पर बीजेपी बैकफुट पर है. बीजेपी एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा मुझे नहीं मालूम इमरती देवी ने क्या कहा, लेकिन सरकारी जमीन सरकारी है, वह किसी की नहीं है. अगर किसी महापुरुष की प्रतिमा लगानी है, तो उसकी एक पद्धति है, शासन के नियम के अनुसार महापुरुष की प्रतिमा लगाने के लिए अनुमति लेनी चाहिए. मैं सरकारी जमीन पर कब्जा करके महापुरुषों की प्रतिमा लगाने के फेवर में नहीं हूं.

कांग्रेस और क्षत्रिय महासभा ने जताई आपत्ति
इमरती के वीडियो सोशल मीडिया में आने के बाद कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष बालेंद्र शुक्ला का कहना है, इमरती देवी को कोई गंभीरता से नहीं लेता है. उनकी पार्टी के लोग ही गंभीरता से नहीं लेते हैं. वो बहुत गलत बोली हैं. सरकार को उनके ऊपर कार्रवाई करनी चाहिए. क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह तोमर का कहना है. इमरती देवी का बयान निंदनीय है. सत्ता के नशे में इमरती मगरूर हैं. जिस तरह से सत्ता मिली है, वह सब नियम भूल गई हैं. विशेष जाति के लोगों को सरकारी जमीन घेरने के लिए बोल रही हैं. ये ठीक नहीं है. क्षत्रिय महासभा इसका विरोध करती है.

बार बार विवादित बयान
इमरती देवी का ये कोई पहला वायरल वीडियो नहीं है. जहां, उनके विवादित बोल सुनने को मिल हों, इससे पहले भी, कई बार वो विवादित बयान देती रही हैं. इमरती ज्योतिरादित्य सिंधिया की कट्टर समर्थक हैं, इसलिए बीजेपी भी उन पर आज तक कोई कार्रवाई नही कर पायी है.

Tags: Gwalior news, Madhya pradesh latest news

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