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Corona की मार : पहली बार समय से पहले 28 मार्च को खत्म होगा ग्वालियर व्यापार मेला, आदेश जारी

ग्वालियर व्यापार मेला उत्तर भारत के प्रसिद्ध मेलों में शुमार है.

ग्वालियर व्यापार मेला उत्तर भारत के प्रसिद्ध मेलों में शुमार है.

Gwalior. ग्वालियर व्यापार मेले (Gwalior trade fair) की शुरुआत माधवराव सिंधिया प्रथम ने सन 1905 में की थी. पहली बार मेला देर से शुरू हुआ. फिर से दो महिने लगाने का फैसला हुआ और पहली बार ही ये अपने तय समय से पहले खत्म हो रहा है.

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ग्वालियर.आखिरकार कोरोना (Corona) की मार ग्वालियर व्यापार मेले (Gwalior trade fair) पर भी पड़ गयी है. अब ये मेला अपने तय समय से 18 दिन पहले 28 मार्च को ही खत्म कर दिया जाएगा. कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं. पहली बार ग्वालियर व्यापार मेला दो महिने 15 फरवरी से 15 अप्रैल तक के लिए लगाया गया था, लेकिन अब कोरोना के काऱण इसे जल्द समेटा जा रहा है.

आखिरकार कोरोना के कारण ग्वालियर व्यापार मेला समेटने के आदेश आज कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जारी कर दिए. इस साल कोरोना के कारण मेला अपने निर्धारित समय से करीब डेढ़ महीने की देरी से 15 फरवरी को शुरू हुआ था. देरी और मौसम में बदलाव के कारण 15 फरवरी से शुरू हुआ मेला इस साल पहली बार दो महिने तक यानि 15 अप्रैल तक लगाया जाना था. लेकिन इस बीच कोरोना का साया फिर से मंडराने लगा.

मेलों और बड़े आयोजनों पर रोक
पूरे प्रदेश सहित ग्वालियर में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. करीब हफ्ते भर पहले ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ग्वालियर प्रशासन को मेला जल्द समेटने के निर्देश दिए थे. कल भोपाल में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में प्रदेश में होने वाले सभी मेलों और बड़े आयोजनो पर रोक लगा दी गयी है. केवल ग्वालियर व्यापार मेले पर फैसला पेंडिंग था.
कलेक्टर का वीडियो संदेश


कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मेले में आए व्यापारियों के लिए एक वीडियो संदेश भी जारी किया. उसमें उन्होंने सभी व्यापारियों से कोरोना महामारी से निपटने में सहयोग करने की अपील की. आज कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मेला समाप्ति के आदेश जारी कर दिए. 28 मार्च की शाम 5 बजे तक सभी व्यापारियों को मेले से दुकान खाली करना होगी.

मेले का इतिहास
ग्वालियर व्यापार मेले की शुरुआत माधवराव सिंधिया प्रथम ने सन 1905 में की थी. तब से यह मेला बदस्तूर चलता आ रहा है. पहली बार मेला देर से शुरू हुआ. फिर से दो महिने लगाने का फैसला हुआ और पहली बार ही ये अपने तय समय से पहले खत्म हो रहा है. ग्वालियर व्यापार मेला उत्तर भारत के प्रसिद्ध मेलों में शुमार है. इसमें खान-पान, कपड़े से लेकर ऑटो मोबाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें तक आती हैं. यहां परिवहन विभाग वाहनों की खरीद पर रोड टैक्स में 50 फ़ीसदी की छूट देता है. यही वजह है कि मेले में करोड़ों रुपये के वाहन बिकते हैं.
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