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वैक्सीनेशन का दूसरा चरण: ग्वालियर में इन हॉस्पिटल्स पर ले जाएं बुजुर्गों को, जानिए क्या है जरूरी

ग्वालियर में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए व्यापक तैयारी की गई है. (File)

ग्वालियर में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए व्यापक तैयारी की गई है. (File)

ग्वालियर में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है. बुजुर्गों के लिए खास अस्पताल स्थापित हैं. सीएमएचओ ने बताया है कि कहां और कैसे जाएं.

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ग्वालियर. मध्य प्रदेश में सोमवार से कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू हो गया. सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन फ्री है, जबकि सरकार द्वारा चयनित निजी अस्पतालों में इसकी कीमत 250 रुपए निर्धारित की गई है. बता दें, हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के पहले डोज के वैक्सीनेशन में मप्र देश में दूसरे स्थान पर रहा.

जानकारी के मुताबिक, वैक्सीनेशन के लिए कोविन 2.0 पोर्टल पर एडवांस रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा. रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों के आइडेंटिटी कार्ड की जरूरत होगी. इसीके आधार पर तय समय पर वैक्सीन सेंटर पर टीका लगेगा. जो हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं वे भी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर टीका लगवा सकते हैं. मार्च के पहले सप्ताह में 3, 4 और 6 तारीख को सरकारी और निजी संस्थाओं में टीकाकरण की सुविधा होगी.

ग्वालियर में इन स्वास्थ्य केंद्रों पर हो रहा वैक्सीनेशन



यहां ग्वालियर आयुर्वेद कॉलेज लश्कर , शासकीय अस्पताल हेम सिंह की परेड, कैंसर हॉस्पीटल, नवजीवन अस्पताल वैक्सीनेशन सेंटर्स स्थापित किए गए हैं.
ऐसे तय करें आपके लिए कौन सा है हॉस्पिटल सही है

सीएचएमओ डॉ मनीष शर्मा ने बताया कि सेंटर का चयन करने के लिए वैसे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाया जा सकता है. आशा कार्यकर्ता से पूछा जा सकता है. लेकिन, फिर भी वैक्सीन लगाने वाले शख्स को वहां जाना चाहिए, जहां वो फटाफट पहुंच सके. इससे उसका वैक्सीनेशन भी जल्दी होगा और वो घर आकर आराम भी कर लेगा.

ये आइडेंटिटी कार्ड्स होंगे मान्य

लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित आईडी कार्ड में से एक के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा. स्वीकृत आईडी में आधार संख्या, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, सांसदों विधायकों एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक द्वारा जारी पासबुक, डाकघर, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज, केंद्रीय राज्य सरकार सार्वजनिक उपक्रम सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किया गया पहचान पत्र.

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी किया गया स्मार्ट कार्ड को शामिल किया गया है. 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी. उन्हें आधार कार्ड के माध्यम से अपनी पहचान को मान्य करना होगा. 45-59 वर्ष के बीच के लोगों के लिए चिकित्सक से कोमोर्बिडिटी प्रमाण पत्र आवश्यक है.

आपके मन में उठ रहे सवालों का जवाब

  • क्या बुजुर्गों को उम्र के चलते वैक्सीन लेनी चाहिए, भले ही जहां वे रहते हों वहां कोरोना संक्रमण के ज्यादा कैस न हों?


    जी हां. बुजुर्गों को वैक्सीन लेना जरूरी है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जहां वे रहते हैं वहां केस कम हैं या ज्यादा. क्योंकि, कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है.


  • कौन सी वैक्सीन उपलब्ध है और ये कितनी असरकारक है?


    स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन उपलब्ध हैं. WHO के मुताबिक, ये दोनों असरकारक है.


  • क्या वैक्सीन लगने पर कोई रिएक्शन होगा और अगर वो ऐसा महसूस करें तो क्या करें?]


    वैक्सीन का रिएक्शन होने की संभावना है. लेकिन, इसके ज्यादा केस देखने को नहीं मिले. अगर बुजुर्ग कुछ बदलाव महसूस करते हैं तो घबराने की बात नहीं है. हर स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर्स की, कोरोना वॉरियर्स की और विशेषज्ञों की टीम मौजूद है. ये टीम रिएक्शन देखते ही तुरंत हरकत में आ जाती है.


  • उन बुजुर्गों का क्या जिन्हें गंभीर बीमारियां हैं, जैसे कैंसर, किडनी, हार्ट या लिवर की बीमारी?


    गंभीर बीमारियों वाले बुजुर्ग भी वैक्सीन लगवा सकते हैं. उन्हें अपनी बीमारी का सर्टिफिकेट साथ ले जाना होगा. एक आइडेंटिटी कार्ड भी साथ ले जाना जरूरी है.


  • कैसे आवेदन करें. और अगर इसके बारे में जानकारी न हो तो किससे पूछें?


    वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेश जरूरी है. ये रजिस्ट्रेशन को-विन 2.0 एप/पोर्टल पर उपलब्ध है. अगर यहां रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा हो तो आईडेंटिटी के साथ संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जानकारी ली जा सकती है. इसकेअलावा आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी जानकारी ली जा सकती है.


  • क्या वैक्सीन सेंटर कोरोना संक्रमण को फैलाने वाला केंद्र या संक्रमण का सुपर स्प्रेडर तो नहीं बन जाएगा?


    नहीं, कोविड सेंटर कोरोना संक्रमण का सुपर स्प्रेडर नहीं बनेगा. सैनेटाइजर, ग्लास शील्ड, मास्क के अलावा एक्सपर्ट्स की टीम और एंबुलेंस के साथ सेंटर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं.


  • क्या लोग लाइन में लगकर वैक्सीन लगकर वैक्सीन लगवा सकते हैं, ताकि उन्हें जल्दी वैक्सीन लग जाए, क्योंकि कई लोग अंतिम क्षणों में कोविड सेंटर पहुंचेंगे?


    जी बिल्कुल. लाइन में लगकर भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है. स्वास्थ्य केंद्रों पर रात 10 बजे तक वैक्सीन लगाई जाएगी. अगर कोई रह भी जाता है तो दूसरे दिन सुबह जल्दी आ सकता है.
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