ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 6 हजार किमी तक किया पीछा, फिर पकड़ में आए जाली नोट के ये बड़े सौदागर

क्राइम ब्रांच ग्वालियर की इस टीम ने नेटवर्क का खुलासा किया

Gwalior crime news : सप्लायर्स से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जाली नोट बिहार के सिवान और यूपी के गोरखपुर से देशभर में सप्लाय हो रहे हैं. इस गिरोह का मास्टर माइंड सिवान निवासी राजन तिवारी है जो देशभर में माल सप्लाय करता है.

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ग्वालियर. ग्वालियर की क्राइम ब्रांच पुलिस ने जाली नोट (Fake note) गिरोह के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह के तीन बड़े सप्लायर्स को गिरफ्तार किया है जो आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और बिहार के हैं. इनके पास 500,  200 और 100  के 2 लाख 33 हजार रुपए कीमत के जाली नोट बरामद हुए हैं. गिरोह का सरगना बिहार का राजन तिवारी है जो अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है.

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये गिरोह बिहार के सीवान और यूपी के गोरखपुर से देशभर में जाली नोट सप्लाय कर रहा था. नकली नोट के सप्लायर को दबोचने के लिए ग्वालियर क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब छह हजार किलोमीटर तक लगातार इनका पीछा किया. फिलहाल गिरोह का सरगना मास्टरमाइंड सिवान निवासी राजन तिवारी फरार है.

ऐसे जुड़ी कड़ी
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 27 जून को बदनापुरा निवासी रोहन नाम के आरोपी को जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था. रोहन ने बताया था कि आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम निवासी दोस्त रूसी करकुल्ला ने उसे नकली नोट दिए थे. आंध्रप्रदेश का ये आरोपी पत्नि के साथ अपनी ससुराल बदनापुरा में रहने आया था. रोहन के गिरफ्तार होते ही आंध्र प्रदेश में रहने वाला उसका दोस्त रूसी करकुल्ला फौरन अपनी पत्नि के साथ ट्रेन में बैठकर फरार हो गया. ट्रेन की जानकारी लगते ही पुलिस ने पीछा शुरू किया और तेलंगाना के वारंगल स्टेशन पर जीआरपी की मदद से रूसी करकुल्ला को गिरफ्त में ले लिया. पूछताछ में उसने बताया कि येलमन चिल्ली  विशाखापट्टनम निवासी प्रसाद नाम के दोस्त ने 3 लाख 60 हजार रुपए के नकली नोट दिए हैं. प्रसाद ने मुंबई के मार्केट में ये नोट सप्लाई किए हैं. वहीं कुछ नोट उसके घर रखे हुए हैं. पुलिस रूसी करकुल्ला को लेकर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टम स्थित प्रसाद के घर पहुंची जहां से 28 हजार के नकली नोट बरामद किए लेकिन प्रसाद यहां नही मिला. क्राइमब्रांच ने रूसी करकुल्ला को साथ लेकर प्रसाद का पीछा शुरू किया.

छह हजार किलोमीटर तक पीछा
प्रसाद की तलाश में विशाखापट्टनम से क्राइम ब्रांच की टीम हैदराबाद रवाना हुई, तो आरोपी प्रसाद हैदराबाद से नागपुर और फिर वहां से मुंबई निकल गया. क्राइम ब्रांच की टीम को मुंबई में जानकारी मिली कि आरोपी प्रसाद नकली नोट की नई डील के लिए आगरा निकल गया है. लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने आखिरकार आगरा के सिकंदरा हाईवे के पास आरोपी प्रसाद और बिहार के सीवान से नकली नोट लेकर आए मोहमम्द युसूफ नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया. तलाशी लेने पर उनके पास एक लाख के नकली नोट बरामद हुए.

बिहार के सीवान से देशभर में सप्लाय
पकड़े गए सप्लायर्स से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि नकली नोट बिहार के सिवान और यूपी के गोरखपुर से देशभर में सप्लाय हो रहे हैं. इस गिरोह का मास्टर माइंड सिवान निवासी राजन तिवारी है जो देशभर में नकली नोट सप्लाय करता है. बड़े सप्लायर्स की गिरफ्तारी की खबर लगते ही राजन तिवारी अंडर ग्राउंड हो गया है. क्राइमब्रांच की टीम उसकी तलाश में जुटी है. नकली नोट गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था. गिरोह तीस हजार के असली नोट लेकर एक लाख के नकली नोट देता था. सप्लारों द्वारा ग्राहक को चालीस हजार रुपए के असली नोट लेकर एक लाख कीमत के नकली नोट दिए जाते थे.

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