ग्वालियर में झोलाछाप डॉक्‍टर के इंजेक्‍शन लगाने के बाद किशोर की मौत
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ग्वालियर में झोलाछाप डॉक्‍टर के इंजेक्‍शन लगाने के बाद किशोर की मौत
सड़क पर प्रदर्शन करते मृतक के परिजन और स्‍थानीय निवासी. इनसेट- विक्‍की

आरएमपी डॉक्टर महेश शर्मा ने तेज़ बुखार में ही विक्की को ग्लूकोज़ की दो बॉटलें चढ़ाईं, इसके बाद दो इंजेक्शन भी लगा दिए. इस इलाज से विक्की की तबीयत सुधरने की बजाय और बिगड़ गई तो डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए.

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मध्‍यप्रदेश के ग्वालियर में झोलाछाप आरएमपी डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के बाद 14 साल के बच्चे ने दम तोड़ दिया. घटना के बाद हंगामा मचा तो पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया. ग्वालियर जिले में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान मरीज की मौत का ये कोई पहला मामला नहीं है. बीते डेढ़ साल में जिलेभर में झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के दौरान या इलाज के बाद करीब 30 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.

ग्वालियर के घासमंडी इलाके में रहने वाले 14 साल के विक्की यादव की तबीयत बिगड़ी तो घर वाले उसे पास ही शर्मा क्लि‍निक पर ले गए. आरएमपी डॉक्टर महेश शर्मा ने तेज़ बुखार में ही विक्की को ग्लूकोज़ की दो बॉटलें चढ़ाईं, इसके बाद दो इंजेक्शन भी लगा दिए. इस इलाज से विक्की की तबीयत सुधरने की बजाय और बिगड़ गई तो डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए.

घर वाले विक्की को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि विक्की की मौत हो चुकी है. घर वाले और पड़ोसी विक्की की लाश को लेकर वापस डॉ. शर्मा के क्लि‍निक पर लेकर पहुंचे, जहां पहले तो डॉक्टर और उसके परिवार वाले उन लोगों को धमकाने लगे. इससे इलाके के लोग नाराज हो गए और फिर हंगामा खड़ा हो गया.



परिजनों का कहना था कि डॉ. महेश शर्मा के इलाज से पहले भी मरीजों की मौत हो चुकी है, लिहाजा प्रशासन को सख्त कार्रवाई करना चाहिए. हंगामा बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला. परिजनों की नाराजगी देखते हुए ग्वालियर थाना पुलिस ने क्लि‍निक को सील किया और डॉक्टर महेश शर्मा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. मामले की जांच के लिए मृतक विक्की के शव का पीएम कराया जाएगा. पीएम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर में धाराएं बढ़ाई जाएंगी.
आपको बता दें कि विक्की की तरह ही बीते डेढ़ साल में ग्वालियर जिले के करीब 30 लोगों की इलाज के दौरान या इलाज के फौरन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई. इनमें आरोप इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों पर लगे. मरीज की मौत के बाद हड़कंप मचता है तो स्वास्थ्य विभाग दिखावे के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाता है, जो थोड़े दिन बाद ठंडे बस्ते में चला जाता है. यही वजह है कि अकेले ग्वालियर जिले में ही डेढ़ हजार से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर अवैध तरीके से इलाज कर रहे हैं.
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