Facebook ने 3 साल से बिछड़े बेटे को परिवार से मिलाया, मां बोली- अब नहीं जाने दूंगी 
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Facebook ने 3 साल से बिछड़े बेटे को परिवार से मिलाया, मां बोली- अब नहीं जाने दूंगी 
भूरी देवी का कहना है कि 3 साल बाद उसका बेटा मिला है अब वह उसे कहीं नहीं जाने देगी.

2017 में अशोक जयारोग्य अस्पताल से लापता हुआ तो शहर में ही यहां-वहां भटकता रहा. 2018 में एक दिन ग्वालियर के केयर एंड अवेयर संगठन के युवाओं की उस पर नजर पड़ी. युवाओं ने बदहाल हालत में अशोक को उठाया और स्वर्ग सदन आश्रम ले गए.

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ग्वालियर. ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल से 3 साल पहले लापता हुए एक बच्चे को सोशल मीडिया ने उसके परिवार से मिला दिया. धौलपुर का रहने वाला अशोक अपने परिवार के साथ इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल आया था. मानसिक रूप से कमजोर होने के चलते अशोक अस्पताल से लापता हो गया लेकिन सोमवार को फेसबुक पर शेयर हुए फोटो के चलते अशोक को बिछड़े परिवार से मिला दिया.

राजस्थान के धौलपुर शहर के रहने वाले लखपत और और भूरी देवी अपने 14 साल के बेटे अशोक की मानसिक बीमारी का इलाज कराने के लिए 2017 में ग्वालियर आए थे. ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल स्थित न्यूरो वार्ड में अशोक को भर्ती किया गया. दरअसल अशोक ना अपना नाम बता पाता था ना ही उसे अपने परिवार या पते ठिकाने की जानकारी थी. इलाज के दौरान ही अचानक अस्पताल से अशोक कहीं निकल गया.

इलाज के दौरान ही अचानक अस्पताल से अशोक कहीं निकल गया.




गुमशुदगी दर्ज कराई रिपोर्ट



अशोक अस्पताल से लापता हुआ तो पिता लखपत और मां भूरी ने उसको खूब तलाशा, लेकिन कोई पता नहीं चला. आखिर कुछ दिन तलाशने के बाद लखपत ने ग्वालियर के कंपू थाने में अपने बेटे अशोक की गुमशुदगी दर्ज कराई और फिर धौलपुर रवाना हो गए. इस घटना के 3 साल बाद सोमवार को फेसबुक पर अशोक का एक फोटो छपा. ग्वालियर के कारोबारी अतुल अतुल अग्रवाल ने ग्वालियर के ही स्वर्ग सदन आश्रम का एक फोटो डाला था जिसमें वह कुछ बेसहारा लोगों को खाना खिला रहे थे.

फेसबुक पर पड़ोसियों ने पहचाना
दरअसल इन बेसहारों में एक तस्वीर अशोक की भी थी, लिहाजा धौलपुर में अशोक के पड़ोस में रहने वालों ने फेसबुक पर देखकर अशोक को पहचान लिया. पड़ोसियों ने अशोक के पिता को खबर दी. जिसके बाद माता पिता ग्वालियर के स्वर्ग सदन आश्रम पहुंच गए. बेटे को देखकर मां-बाप की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. भूरी देवी का कहना है कि 3 साल बाद उसका बेटा मिला है अब वह उसे कहीं नहीं जाने देगी.

देशभर से भटक कर आए 25 लोगों को घर पहुंचा चुकी है युवा टीम

दरअसल 2017 में अशोक जयारोग्य अस्पताल से लापता हुआ तो शहर में ही यहां-वहां भटकता रहा. 2018 में एक दिन ग्वालियर के केयर एंड अवेयर संगठन के युवाओं की उस पर नजर पड़ी. युवाओं ने बदहाल हालत में अशोक को उठाया और स्वर्ग सदन आश्रम ले गए. जहां उस से नहलाया गया और जब परिवार और उसके खुद के बारे में पूछताछ की तो वह कुछ बोल नहीं पाया. अशोक मानसिक रूप से बीमार था लिहाजा स्वर्ग सदन आश्रम के युवाओं ने उसका मेंटल हॉस्पिटल में इलाज कराया. पिछले 2 साल से अशोक इसी आश्रम में रह रहा था.

तस्वीर में अशोक भी मौजूद था लिहाजा धौलपुर में अशोक के पड़ोसियों ने उसे पहचान लिया और परिवार वालों को खबर दी.


फेसबुक पेज पर शेयर हुई तस्वीर
सोमवार को शहर के सर्राफा कारोबारी अतुल अग्रवाल स्वर्ग सदन आश्रम में इन बेसहारों को खाना खिलाने के लिए पहुंचे. खाना खिलाने के दौरान जब अतुल के परिवार वालों ने तस्वीर ली और फिर इस तस्वीर को अतुल ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया. तस्वीर में अशोक भी मौजूद था लिहाजा धौलपुर में अशोक के पड़ोसियों ने उसे पहचान लिया और परिवार वालों को खबर दी.



कारोबारी अतुल का कहना है कि उसे इस नेक काम के बाद सबसे ज्यादा खुशी महसूस हो रही है. वहीं केयर एंड अवेयर संस्थापक विकास गोस्वामी ने बताया कि युवाओं ने देशभर से भटककर ग्वालियर आए 25 लोगों अपने घर भिजवाया है. वैसे तो सोशल प्लेटफॉर्म इन दिनों नफरत और भड़ास निकालने का साधन बना हुआ है, बावजूद इसके आज भी सोशल मीडिया का कई मामलों में बेहतर उपयोग सामने आ रहा है.

 
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