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अधिकारी से भिड़ा शिक्षक, कहा- मैं तो वॉट्सएप ही चलाता हूं, लोग तो जाने क्या-क्या देखते हैं

अधिकारी से भिड़ा शिक्षक, कहा- मैं तो वॉट्सएप ही चलाता हूं, लोग तो जाने क्या-क्या देखते हैं

शिक्षकों के जरिए पढ़ाने के वक्त ज्यादातर समय मोबाइल पर लगे रहने की शिकायत पर जब निरीक्षण के लिए अधिकारी पहुंचे तो दोषी शिक्षक उल्टा उनसे भिड़ गया.

शिक्षकों के जरिए पढ़ाने के वक्त ज्यादातर समय मोबाइल पर लगे रहने की शिकायत पर जब निरीक्षण के लिए अधिकारी पहुंचे तो दोषी शिक्षक उल्टा उनसे भिड़ गया.

शिक्षकों के जरिए पढ़ाने के वक्त ज्यादातर समय मोबाइल पर लगे रहने की शिकायत पर जब निरीक्षण के लिए अधिकारी पहुंचे तो दोषी शिक्षक उल्टा उनसे भिड़ गया.

    सरकारी स्कूल में शिक्षकों के जरिए पढ़ाने के वक्त ज्यादातर समय मोबाइल पर लगे रहने की शिकायत जब डीपीसी तक पहुंची तो वो निरीक्षण के लिए पहुंच गए. लेकिन यहां एक शिक्षक गलती मानने की जगह उल्टा डीपीसी से ही भिड़ गया.

    दरअसल, शिवपुरी जिला मुख्यालय के पास नौहरीकलां में प्राथमिक स्कूल के दो शिक्षक महेश भार्गव और राजेन्द्र दीक्षित स्कूल समय में बच्चों को पढ़ाने की बजाय परिसर में स्थित पेड़ के नीचे बैठकर दिनभर मोबाइल इस्तमाल करते रहते थे.

    नाराज ग्रामीणों ने पहले तो शिक्षकों की इस हरकत को चोरी छिपे मोबाइल में कैद किया और फिर फोटो जिला परियोजना समन्वयक शिरोमणि दुबे के वॉट्सएप पर भेज दिए.

    करीब 1 घंटे विलंब से 11:30 बजे शिक्षक महेश भार्गव पहुंचे, तब तक डीपीसी उनके उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित अंकित कर चुके थे. इस पर शिक्षक ने समय डालकर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाते हुए डीपीसी के साथ जमकर बहसबाजी कर डाली.

    इसके बाद जब डीपीसी ने उन्हें वॉट्सएप पर ग्रामीणों द्वारा भेजे गए फोटो दिखाए और उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी तो इस बात पर भी शिक्षक ने बहस की और यहां तक कहा कि हम तो वॉट्सएप ही चलाते हैं, स्कूल में अन्य लोग तो न जाने मोबाइल पर क्या-क्या देखते हैं.

    इस पर डीपीसी ने भी कहा कि जितनी उंगलियां तुम स्कूल समय में मोबाइल पर चलाते हो, अगर इतनी ब्लैकबोर्ड पर चलाई होतीं तो बच्चों का भविष्य बन जाता.

    बच्चे नहीं दे पाए जवाब

    डीपीसी दुबे ने जब ग्रामीणों की शिकायत की सत्यता जांचने के लिए बच्चों से देश और प्रदेश का नाम पूछा तो उनका उत्तर था नौहरीकलां. इसी तरह कक्षा 4 के बच्चे बिना मात्रा वाले शब्द तक नहीं पढ़ पाए. कक्षा 4 के बच्चे द को ढ पढ़ रहे थे.

    यही हाल पहली कक्षा के बच्चों का था, जो गिनती के अंक तक नहीं पढ़ पाए. हालांकि कुछ बच्चे होशियार थे. जब उनसे पूछा गया तो बच्चों का कहना था कि वे ट्यूशन जाते हैं, इसलिए उन्हें पढ़ना और सवाल हल करना आता है.

    स्कूल के बच्चों की ये हालत देख डीपीसी ने शिक्षक महेश भार्गव और राजेन्द्र दीक्षित के खिलाफ निलंबन सहित बर्खास्तगी की कार्रवाई की प्रस्तावित की. कार्रवाई के बारे में पता चलने पर शिक्षक इसे अपने खिलाफ बाकी शिक्षकों की साजिश करार देने लगे.

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