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यहां हुई थी महात्मा गांधी को गोली मारने की रिहर्सल

यहां हुई थी महात्मा गांधी को गोली मारने की रिहर्सल

महात्मा गांधी की हत्या का प्लान को अंजाम देने की तैयारी मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुई थी. ग्वालियर से ही नाथूराम गोडसे ने पिस्टल खरीदी और इस पिस्टल को चलाने की तैयारी भी ग्वालियर में ही की थी.

महात्मा गांधी की हत्या का प्लान को अंजाम देने की तैयारी मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुई थी. ग्वालियर से ही नाथूराम गोडसे ने पिस्टल खरीदी और इस पिस्टल को चलाने की तैयारी भी ग्वालियर में ही की थी.

गोडसे की  हिंदू महासभा के नेताओं ने मदद की थी. गोडसे ने जिस पिस्टल से महात्मा गांधी की हत्या की थी, वो पिस्टल सिंधिया राजवंश की सेना के एक अफसर की थी.

30 जनवरी को महात्मा गांधी की हत्या हुई थी. महात्मा गांधी की हत्या के प्लान को अंजाम देने के लिए नाथराम गो़डसे ने पूरी तैयारी ग्वालियर में ही की थी. महात्मा गांधी की हत्या के प्लान में नाथूराम गोडसे के अलावा ग्वालियर के डॉ. दत्तात्रेय परचुरे के साथ गंगाधर दंडवते, गंगाधर जाधव और सूर्यदेव शर्मा शामिल थे.

बताते हैं कि नाथुराम गोडसे ग्वालियर आए क्योंकि यह शहर महासभा की गतिविधियों का एक प्रमुख केन्द्र था. ग्वालियर के डॉ. परचुरे ने हिंदू राष्ट्र सेना भी बनाई थी और वे हिंदू महासभा के साथ पूरी तरह सक्रिय रहते थे.

पिस्टल लेने के बाद और उसको चलाने की प्रैक्टिस की जरूरत महसूस हुई. यह तय किया गया कि डॉ. परचुरे के घर के पीछे वाले स्थान पर रिहर्सल की जाए. घर के पीछे स्वर्ण रेखा नदी बहती थी. 67 साल पहले यह स्थान वीरान हुआ करता था.

हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं के मुताबिक तीन-चार फायर पिस्टल से किए गए. जब सब कुछ उम्मीद के मुताबिक निकला तो वे आप्टे के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए.

30 जनवरी 1948 की शाम 5 बजे बापू प्रार्थना सभा के लिए निकले थे. तनु और आभा उनके साथ थीं. उस दिन प्रार्थना में ज्यादा भीड़ थी. फौजी कपड़ों में नाथूराम गोडसे अपने साथियों करकर और आप्टे के साथ भीड़ में घुलमिल गया. बापू आभा और तनु के कंधों पर हाथ रखे हुए थे. गोडसे ने तनु और आभा को बापू के पेर छूने के बहाने एक तरफ किया, बापू के पैर छूते-छूते पिस्टल निकाल ली और दनादन बापू पर गोलियां दाग दीं.

Tags: Gwalior news, Mahatma gandhi

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