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गोविंद सिंह बोले- डिप्टी CM के ऑफर वाले बयान पर माफी मांगें सिंधिया, नहीं तो मानेंगे झूठों का सरदार

डॉक्टर गोविंद सिंह ने हमला करते हुए कहा कि अब सिंधिया बताए ,उनको कब और किसने उप मुख्यमंत्री पद का ऑफर दिया. (फाइल फोटो)

डॉक्टर गोविंद सिंह ने हमला करते हुए कहा कि अब सिंधिया बताए ,उनको कब और किसने उप मुख्यमंत्री पद का ऑफर दिया. (फाइल फोटो)

ग्वालियर में 22 अगस्त से 24 अगस्त तक चले भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने भाषणों के दौरान यह कहा था कि वो जनता के सेवक हैं, कुर्सी के नहीं.

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ग्वालियर. ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) में उनको उप मुख्यमंत्री पद का ऑफर (Deputy Chief Minister offer) दिए जाने वाले बयान पर कांग्रेस ने तंज कसा है. पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने सिंधिया को चुनौती देते हुए कहा कि सिंधिया झूठ बोल रहे हैं. विधायक दल की बैठक में सभी लोग मौजूद थे. उप मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चर्चा ही नहीं हुई थी. ऐसे में ऑफर देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. डॉक्टर गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) ने हमला करते हुए कहा कि अब सिंधिया बताए ,उनको कब और किसने उप मुख्यमंत्री पद का ऑफर दिया.

भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान के खिलाफ मोर्चा खोलने ग्वालियर आए पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर निशाना साधा. गोविंद सिंह ने सिंधिया के उस बयान पर निशाना साधा है जिसमें उन्होंने कांग्रेस सरकार में उप मुख्यमंत्री दिए जाने का ऑफर देने की बात कही थी, डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि सिंधिया झूठ बोल रहे हैं. विधायक दल की बैठक में हम सभी मौजूद थे. उस दौरान उप मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई थी. जब उप मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई तो ऑफर का कोई सवाल ही नहीं उठता है. गोविंद सिंह ने सिंधिया को चुनौती देते हुए कहा कि सिंधिया ने 3 दिन तक इस तरह का बयान दिया. ऐसे में  गोविंद सिंह ने सिंधिया से सवाल किया है कि सिंधिया आपको कब और किसने डिप्टी सीएम का ऑफर दिया. अब सिंधिया को इस बयान के लिए तथ्य सामने रखना चाहिए और सबूत पेश करना चाहिए. नहीं तो हम यही मानेंगे कि सिंधिया झूठों के सरदार हैं.

सिंधिया ने कहा था- मैंने ठुकराई डिप्टी सीएम की कुर्सी
दरअसल, ग्वालियर में 22 अगस्त से 24 अगस्त तक चले भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने भाषणों के दौरान यह कहा था कि वो जनता के सेवक हैं, कुर्सी के नहीं. अगर वह कुर्सी के सेवक होते तो मध्य प्रदेश में उपमुख्यमंत्री का पद संभालते. सिंधिया ने कहा था कि कांग्रेस और कमलनाथ ने उनको उप मुख्यमंत्री पद का ऑफर दिया था लेकिन वह जनता की सेवा करना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने उप मुख्यमंत्री पद ठुकरा दिया. साथ ही सिंधिया ने यह भी कहा था कि उन्होंने उप मुख्यमंत्री पद इसलिए भी स्वीकार नहीं किया क्योंकि उन्हें पता था कि 15 महीने बाद ये सरकार ढह जाएगी.
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