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'फौजी कभी फौजी से गद्दारी नहीं करता,' ये कहकर रिटायर्ड सैनिकों के ठग लिए 80 करोड़ रुपये, अब क्या होगा

Gwalior Crime: ग्वालियर के करीब 200 रिटायर्ड फौजी 80 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हो गए हैं. उन्हें राजस्थान के तीन भाइयों ने गुजरात की कंपनी के नाम पर ठग लिया. कंपनी के संचालकों ने उनसे कहा कि "फौजी कभी फौजी से गद्दारी नहीं करता." उनकी इस बात से प्रभावित होकर रिटायर्ड फौजियों ने अपना रुपया उनकी कंपनी नें निवेश कर दिया. उसके बाद अब यह कंपनी भाग गई है.

Gwalior Crime: ग्वालियर के करीब 200 रिटायर्ड फौजी 80 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हो गए हैं. उन्हें राजस्थान के तीन भाइयों ने गुजरात की कंपनी के नाम पर ठग लिया. कंपनी के संचालकों ने उनसे कहा कि "फौजी कभी फौजी से गद्दारी नहीं करता." उनकी इस बात से प्रभावित होकर रिटायर्ड फौजियों ने अपना रुपया उनकी कंपनी नें निवेश कर दिया. उसके बाद अब यह कंपनी भाग गई है.

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ग्वालियर. ‘हम भी फौजी हैं, फौजी कभी फौजी के साथ गद्दारी नहीं करता…’ इस टैग लाइन को सुनाकर गुजरात में रजिस्टर्ड एक कंपनी के जलसाजों ने ग्वालियर में 200 से ज्यादा रिटायर्ड फौजियों को ठग लिया. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 200 से अधिक रिटायर्ड फौजी, उनके परिजन और रिश्तेदारों से करीब 80 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. नेक्सा एवरग्रीन कंपनी ने गुजरात के धुलेरा में जमीन के धंधे में फौजियों से इन्वेस्ट कराने के नाम पर ठगी की है. शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने ठग कंपनी के 4 संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. खास बात यह है कि ठगी करने वाली इस गैंग के मास्टरमाइंड राजस्थान के सीकर जिले के तीन सगे भाई हैं.

एक तरफ, मध्य प्रदेश में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, तो दूसरी तरफ चिटफंड कंपनियां भी लोगों को लगातार ही ठग रही हैं. ऐसा ही मामला ग्वालियर से सामने आया है. गुजरात की नेक्सा एवरग्रीन कंपनी ने करीब 2 साल पहले ग्वालियर की होटल में सेमिनार किया था. इसमें कंपनी के चार संचालकों ने ग्वालियर के रिटायर्ड फौजियों को बुलाया था. इसमें फौजियों से कहा गया कि आप सभी चेन बनाइए. इन्वेस्टमेंट राशि के एवज में हर महीने कंपनी आपको 5 हजार से लेकर 81 हजार रुपये तक का रिटर्न देगी. पूरी मूल रकम 60 किस्तों में आपको वापस कर दी जाएगी. कंपनी के झांसे में आकर 200 रिटायर्ड फौजियों ने इसमें रुपये इन्वेस्ट कर दिए.

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भावनात्मक टैग लाइन का किया इस्तेमाल
रुपयों का निवेश करने वाले परिवार जब गुजरात पहुंचे तो पता चला कि कंपनी इस तरह का कोई व्यापार नहीं करती. रिटायर्ड फौजियों ने बताया कि कंपनी चलाने वाले ने भी खुद को रिटायर्ड फौजी बताया था. कंपनी में रुपया इन्वेस्ट करने वाले रिटायर्ड फौजी रक्षपाल सिंह और अभिलाष सिंह ने बताया कि जालसाजों का तरीका सम्मोहित करने वाला था. दरअसल, जालसाज उनसे कहते थे कि “वह भी फौजी रहे हैं और एक फौजी कभी दूसरे फौजी के साथ गद्दारी” नहीं करता. शुरुआत में फौजियों को रिटर्न मनी मिलती रही. इसी बात से आकर्षित होकर ग्वालियर अंचल के करीब एक हजार से ज्यादा लोग इस कंपनी में पैसा निवेश करने लगे. अंत में कुछ समय पहले यह कंपनी अपना बोरिया बिस्तर बांध कर फरार हो गई.

क्राइम ब्रांच ने कंपनी के चार संचालकों पर केस दर्ज किया
ठगी के शिकार हुए लोग जब गुजरात पहुंचे तो वहां पता चला कि कंपनी इन्वेस्टमेंट का कोई काम नहीं करती. आखिर में रिटायर्ड फौजी के परिवारों ने ग्वालियर पुलिस से गुहार लगाई. फौजियों की शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच एक्शन में आ गई. ग्वालियर क्राइम ब्रांच थाने में नेक्सा एवरग्रीन कंपनी के चार संचालकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. पुलिस ने रणवीर बिजारनिया, सुभाष बिजारनिया, महावीर बिजारनिया और दिलीप के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. जानकारी मिली है कि आरोपियों में तीन भाई हैं, जो राजस्थान के सीकर जिले के बलारा गांव के रहने वाले हैं. ग्वालियर में ठगी करने वाली इस कंपनी ने राजस्थान में भी ठगी की है. उसके खिलाफ राजस्थान में भी पूर्व में कई मामले दर्ज हो चुके हैं.

Tags: Gwalior news, Mp news

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